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Saturday, April 11, 2026
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त्रिपुरा में PM मोदी के कार्यक्रम में सहयोगी दलों की अनदेखी, TMP ने जताई नाराजगी

त्रिपुरा में पीएम मोदी के कार्यक्रम में बीजेपी के नेतृत्‍व वाली गठबंधन सरकार के घटक दल टिपरा मोथा पार्टी यानी TMP को ही आमंत्रित नहीं किया गया था। इस घटना के बाद TMP ने भारी नाराजगी जताई है।

नई दिल्‍ली, रफ्तार डेस्‍क । त्रिपुरा में भाजपा-नेतृत्‍व गठबंधन सरकार के घटक दल टिपरा मोथा पार्टी (TMP) ने सोमवार को नाराजगी जताई, क्योंकि उन्हें राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में निमंत्रण नहीं मिला। पीएम नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को त्रिपुरा के गोमती जिले में जीर्णोद्धार के बाद त्रिपुरेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की।

टिपरा मोथा पार्टी (TMP) के वरिष्ठ विधायक रंजीत देबबर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में निमंत्रण नहीं मिलने से पार्टी दुखी है। उन्होंने बताया कि पार्टी प्रमुख और शाही वंशज प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा और विधायकों को इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का गवाह बनने से वंचित रखा गया।

विधायक रंजीत देबबर्मा ने कहा कि, राजमाता बिभु कुमारी देवी को भी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया, जबकि यह मंदिर 1501 में महाराजा धन्य माणिक्य द्वारा निर्माण करवाया गया था। यह घटनाक्रम बीजेपी के जनजाति मोर्चा उपाध्यक्ष मंगल देबबर्मा सहित चार लोगों पर पश्चिम त्रिपुरा में टीएमपी समर्थकों द्वारा किए गए हमले के एक दिन बाद हुआ। 

TMP विधायक ने दावा किया कि, सितंबर 1949 में भारतीय संघ और रानी कंचन प्रवा देवी के बीच ‘त्रिपुरा विलय समझौते’ पर हस्ताक्षर होने से पहले, मां त्रिपुर सुंदरी का मंदिर माणिक्य शासकों के स्वामित्व में था।

क्षेत्रीय पार्टी की अनदेखी गलत- रंजीत देबबर्मा 

जीर्णोद्धार के बाद त्रिपुरेश्वरी मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के अलावा मुख्यमंत्री माणिक साहा और सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव भट्टाचार्य भी मौजूद थे। TMP के वरिष्ठ विधायक रंजीत देबबर्मा ने क्षेत्रीय पार्टी की अनदेखी पर नाराजगी जताई और कहा कि, बीजेपी के विधायकों और निर्वाचित प्रतिनिधियों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था।

लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल 

त्रिपुरा की राजनीतिक हलचलों में TMP ने फिर हलचल मचाई है। मुख्य विपक्षी दल रही टीएमपी, जो पिछले साल मार्च में लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हुई थी और विधानसभा में 13 सदस्य हैं, इस बार प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में अनदेखी का शिकार बनी। 

कार्यक्रम में IPFT को भी नहीं बुलाया

साथ ही, भाजपा के गठबंधन के अन्य घटक IPFT को भी आमंत्रित नहीं किया गया। यह कदम राज्य की राजनीतिक तस्वीर को और रोचक बना रहा है। IPFT महासचिव स्वप्न देबबर्मा ने कहा, “हमें कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। पता नहीं हमारे एकमात्र मंत्री शुक्ल चरण नोआतिया कार्यक्रम में शामिल हुए या नहीं।”

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