नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में शहीद हुए सैनिक की पत्नी हिमांशी को सोशल मीडिया पर निशाना बनाए जाने को लेकर प्रतिक्रिया दी है।
अखिलेश यादव ने लिखा कि देश की महिलाओं को भाजपा के असली चेहरे को बेनकाब करना होगा। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले ही भाजपा के पूर्व रूप का चाल, चरित्र और चेहरा ऐसा नहीं था कि वे खुले तौर पर जनता के सामने आ सकें। अखिलेश ने आरोप लगाया कि उनकी गतिविधियां गुप्त रहती थीं और ये अक्सर राष्ट्रविरोधी साजिशों, नकारात्मक और अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते थे।
उन्होंने आगे लिखा कि समय-समय पर भाजपा ने अपनी पहचान और रूप बदले ताकि उसकी असली विचारधारा को छुपाया जा सके। आज भी, उनके समर्थक गुमनाम प्रोफाइल बनाकर सोशल मीडिया पर छिपे तौर पर उन लोगों को निशाना बनाते हैं जो सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ खड़े होते हैं। अखिलेश का आरोप है कि यह एक सुव्यवस्थित और संगठित रणनीति का हिस्सा है, जिसे भाजपा लगातार आगे बढ़ा रही है।
भाजपा और उसके सहयोगियों पर बोला तीखा हमला
अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगियों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि ये वे ही लोग हैं, जो परंपरागत रूप से सत्ता और संसाधनों पर अपने वर्ग विशेष का कब्जा बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति और अर्थव्यवस्था पर सदियों से प्रभाव रखने वाले शक्तिशाली वर्गों ने पर्दे के पीछे से भाजपा को बल और धन दोनों का समर्थन दिया है। अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि भाजपा ने कभी यह नहीं चाहा कि वंचित, शोषित या आम जनता के वर्गों को सत्ता या संसाधनों में भागीदारी मिले। यही कारण है कि भाजपा न केवल सामाजिक समानता के खिलाफ है, बल्कि उसे संविधान में दिए गए नागरिक अधिकारों से भी परहेज रहा है।
‘जिसकी शक्ति, उसके अधिकार’ जैसी भाजपा की सोच- अखिलेश
उन्होंने भाजपा की सोच को ‘जिसकी शक्ति, उसके अधिकार’ जैसी रूढ़िवादी और सामंती मानसिकता बताया। अखिलेश ने कहा कि भाजपा और उसके समर्थकों की पुरुषप्रधान सोच महिलाओं को अब भी बराबरी, सम्मान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देने को तैयार नहीं है। उनका आरोप है कि जब भी कोई महिला चाहे वह बालिका हो, युवती हो या विवाहित नारी, अपना मत या विचार रखने का प्रयास करती है, तब भाजपाई और उनके सहयोगी उसे अपमानित करने, उसके चरित्र पर हमला करने और उसे मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यह मानसिकता सिर्फ व्यक्तिगत हमले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सोची-समझी रणनीति है जिससे महिलाओं के आत्मबल और विरोध की शक्ति को कमजोर किया जाए। अंत में उन्होंने कहा कि भारतीय नारी का इतिहास ऐसे लोगों को उनके इस “महापाप” के लिए कभी माफ नहीं करेगा।
अखिलेश ने भाजपा पर लगाया ‘नारी वंदना’ का दिखावा करने का आरोप
अखिलेश ने उदाहरण देते हुए कहा कि चाहे वह नैनीताल में भाईचारा बनाए रखने की कोशिश कर रही कोई साहसी महिला हो, या कोई गीत के माध्यम से सत्ताधारी पार्टी की सच्चाई उजागर कर रही हो, या फिर कोई खोजी महिला पत्रकार हो जो सत्ता के भीतर की पोल खोल रही हो, सभी को अभद्रता, धमकी और दमन का शिकार बनना पड़ रहा है। उनकी आवाज को दबाने के लिए हर हद पार की जा रही है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि भाजपा समर्थकों की ये हरकतें केवल निंदनीय नहीं, बल्कि अक्षम्य हैं। उन्होंने भाजपा पर ‘नारी वंदना’ का दिखावा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि असल में यह सोच मूलतः नारी विरोधी है। आज जरूरत इस बात की है कि हम शोक की घड़ी में शहीद की पत्नी जैसे साहसी लोगों के साथ खड़े हों और उन महिलाओं का समर्थन करें जो अन्याय के खिलाफ बोल रही हैं। अखिलेश ने कहा कि अब वक्त आ गया है जब भाजपा और उसके समर्थकों की स्त्री-विरोधी मानसिकता को उजागर किया जाए।
“भाजपा को अपने नाम में ‘भारतीय’ शब्द लगाने का नैतिक अधिकार नहीं”
उन्होंने कहा आज देश की हर लड़की, हर युवती यह कह रही है कि हम भाजपा का असली चेहरा, जो महिलाओं के सम्मान और अधिकारों का विरोधी है सामने लाकर रहेंगे। सच तो यह है कि जो स्त्री के मान-सम्मान को नहीं मानता, उसका न भारतीयता से कोई नाता है, न इंसानियत से। भाजपा को अपने नाम में ‘भारतीय’ शब्द लगाने का नैतिक अधिकार नहीं है।” अखिलेश यादव ने महिला आयोग पर भी सवाल उठाते हुए कहा अब औपचारिक बयान देने का समय नहीं है। अगर महिला आयोग वाकई कहीं मौजूद है और उसमें कुछ भी शक्ति बाकी है, तो उसे सामने आकर अपनी भूमिका निभानी चाहिए। आज जवाब देने का समय है, कहीं है? कोई है?”




