नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में पुलिस की आउट सोर्सिंग से भर्ती कराने वाली चिट्ठी सामने आने के बाद बवाल मच गया है। इसको लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस खबर को लेकर एक पोस्ट किया है, इस पोस्ट में उन्होंने सरकार की मंसा और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार यह सरकार सब कुछ आउटसोर्स कर रहीं है, उस हिंसाब से वो दिन दूर नहीं जब भाजपा ‘सरकार’ ही आउटसोर्स कर दें।
अखिलेश यादव ने पुलिस की आउट सोर्सिंग से भर्ती के पत्र को लेकर सरकार को घेरा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने एक्स पर किए पोस्ट में लिखा है कि ‘उप्र में भाजपा सरकार ने ‘पुलिस व्यवस्था’ के प्रति लापरवाही भरा नज़रिया अपना रखा है, जिसकी वजह से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। यह सरकार एक-के-बाद-एक कार्यवाहक डीजीपी के बाद अब कुछ ‘पुलिस सेवाओं की आउटसोर्सिंग’ पर विचार कर रहीं है। ठेके पर पुलिस होगी तो, न ही उसकी कोई जवाबदेही होगी, न ही गोपनीय और संवेदनशील सूचनाओं को बाहर जाने से रोका जा सकेगा। भाजपा सरकार जवाब दे कि जब पुलिस का अपना भर्ती बोर्ड है तो बाक़ायदा सीधी स्थायी नियुक्ति से सरकार भाग क्यों रही है?’
पुलिस सेवा की आउटसोर्सिंग की ख़बर से देश के युवा में सरकार के खिलाफ उबाल- अखिलेश
अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि ‘पुलिस सेवा में भर्ती के इच्छुक युवाओं की ये आशंका है कि इसके पीछे आउटसोर्सिंग का माध्यम बननेवाली कंपनियों से ‘काम के बदले पैसा’ लेने की योजना हो सकती है क्योंकि सरकारी विभाग से तो इस तरह पिछले दरवाज़े से ‘पैसा वसूली’ संभव नहीं है। अपने आरोप के आधार के रूप में वो कोरोना वैक्सीन बनानेवाली प्राइवेट कंपनी का उदाहरण दे रहे हैं, जिसे भाजपा ने नियम विरूद्ध जाते हुए, वैक्सीन बनानेवाली एक सरकारी कंपनी के होते हुए भी, वैक्सीन बनाने का ठेका दिया और उससे चंदा वसूली की।’ पुलिस भर्ती परीक्षा के पेपर लीक से आक्रोशित युवाओं में इस तरह की ‘पुलिस सेवा की आउटसोर्सिंग’ की ख़बर से और भी उबाल आ गया है। आउटसोर्सिंग का ये विचार तत्काल त्यागा जाए और उप्र के युवाओं को नियमित, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सीधी नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से नौकरी दी जाए।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने किया पत्र का खंडन
हालांकि, सोशल मीडिया पर वयरल उत्तर प्रदेश पुलिस की आउट सोर्सिंग वली चिट्ठी को लेकर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की सफाई भी सामने आ गई है। उन्होंने संविदा पर भर्ती के प्रस्ताव से जुड़े पत्र को विभागीय गलती बताते हुए इसका स्पष्टीकरण जारी किया है। डीजीपी मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि पुलिस विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग पर रखे जाने की व्यवस्था पहले से है। इसे लेकर पत्र जारी किया जाना था, लेकिन त्रुटिवश लिपिक संवर्ग की संविदा पर भर्ती के विचार संबंधी पत्र जारी हो गया।
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