नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों ‘कच्चा आम’ चर्चा का केंद्र बन गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक तस्वीर पर तंज कसते हुए कहा,“कच्चे आम कह रहे पकाओ मत! यह पोस्ट अखिलेश ने तब की जब सीएम योगी लखनऊ में ‘आम महोत्सव’ का उद्घाटन कर रहे थे और उनके हाथ में एक हरा (कच्चा) आम नजर आ रहा था। इस तस्वीर को लेकर अखिलेश का यह तंज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
केशव प्रसाद मौर्य का पलटवार – “नेताजी जीवन भर पछताते रहे”
सपा अध्यक्ष की टिप्पणी पर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बिना नाम लिए करारा जवाब दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “नेताजी ने 2012 में एक कच्चे आम को पका हुआ आम समझने की भूल की थी, और वो जीवन पर्यंत पछताते रहे। इस बयान के जरिए मौर्य ने मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के रिश्ते की पुरानी राजनीतिक कड़वाहट की ओर इशारा किया।
2012 की यादें फिर ताजा
बता दें कि साल 2012 में समाजवादी पार्टी को विधानसभा चुनाव में बहुमत मिला था। उस वक्त मुलायम सिंह यादव ने अपने बेटे अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपी थी। हालांकि इसके बाद पिता-पुत्र के रिश्तों में दूरियां आ गईं और 2017 से पहले सपा में फूट पड़ी। अखिलेश ने पार्टी की कमान खुद संभाली और मुलायम को मार्गदर्शक मंडल तक सीमित कर दिया। यही घटनाक्रम आज फिर ‘कच्चा आम’ के बहाने सियासी बयानबाजी का हिस्सा बन गया है।
आम महोत्सव बना राजनीतिक बहस का मंच
तीन दिन तक चलने वाला यह आम महोत्सव तो था किसानों और आम प्रेमियों के लिए, लेकिन इसमें सीएम योगी की हरे आम के साथ तस्वीर ने नेताओं को राजनीतिक तंज कसने का मौका दे दिया। उत्तर प्रदेश की राजनीति में हर छोटी बात बड़ी बहस बन जाती है। अब एक आम की तस्वीर ने अखिलेश यादव और केशव मौर्य को आमने-सामने खड़ा कर दिया है। ‘कच्चा आम’ अब सिर्फ फल नहीं, बल्कि सियासी संवाद का हिस्सा बन गया है। देखना दिलचस्प होगा कि यह तकरार और कितनी दूर तक जाती है।




