नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर सूबे की सियासत में थोड़ी हलचल बढ़ गई है। चुनाव से पहले सियासी दल अपने तैयारियां में लगा हुआ है। वहीं, महाराष्ट्र राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने भी मुंबई में एक बैठक का आयोजन किया और अपनी रणनीति तय की है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने खुद कमान संभालते हुए संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं और इस बीच चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए बड़े फैसले लिए हैं। इस बैठक में अजित पवार संगठन को लेकर सख्त दिखे है। इस दौरान उनके तेवर तीखे नजर आए।
सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और पार्टी चीफ अजित पवार कार्यकर्ता और नेताओं के बयान और गतिविधियों को लेकर भी सख्त दिखे। पवार ने तय किया कि हर हफ्ते सोमवार, मंगलवार और बुधवार को मुंबई में शासकीय कामकाज देखेंगे, जबकि बाकी के चार दिन वे महाराष्ट्र दौरे पर रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने सभी मंत्रियों और विधान परिषद सदस्यों से कहा कि वे भी अपने दौरा का शेड्यूल तुरंत बनाकर पार्टी चीफ को बताए।
‘संगठन पर ध्यान दें और विवादित बयान देने से बचें’
अजित पवार ने मुंबई में साप्ताहिक समीक्षा बैठक बुलाई। जिसमें सभी नेताओं और मंत्रियों को आमंत्रित किया गया था। इस दौरान नेताओं मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उनके दौरों के दौरान पदाधिकारी सम्मेलन, सदस्यता अभियान, बूथ निर्माण और संगठन विस्तार जैसे कार्यों पर खास जोर दिया जाए।
बैठक में अजित पवार ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पार्टी का कोई मंत्री विधायक पहली या दूसरी बार की गलती माफ की जाएगी, लेकिन तीसरी बार कोई माफी नहीं मिलेगी, उस पर सीधी कार्रवाई होगी, पद भी गंवाना पड़ेगा। बैठक अजित पवार ने दो टू दे दिया। कहा कि कोई नेता या मंत्री विवादित बयान देने से बचें।
बड़े नेता को लगाई फटकार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में अजित पवार ने सरकार में एक मंत्री को कड़ी फटकार लगाई। मंत्री को अनुशासनहीनता को लेकर खरी-खोटी सुना दी। कहा जा रहा है कि मंत्री बीते कुछ दिनों से मीडिया में लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं जो पार्टी का नुकसान पहुंचा सकते है। साथ ही वे जनता दरबार और पार्टी कार्यालय में भी नियमित रूप से मौजूद नही रहे।




