नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र की जनता को इंतजार है कि महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा। सब जानना चाहते हैं कि देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे में से किसके नाम पर सीएम पद के लिए मुहर लगती है। महायुति गठबंधन में अभी तक मुख्यमंत्री पद को लेकर देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे का विवाद सुलझा नहीं है। वहीं अब इस विवाद के बीच में अजित पवार भी कूद पड़े हैं। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, अजित पवार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद के लिए तो कोई दावा पेश नहीं कर रहे हैं। लेकिन उनका महाराष्ट्र की नई सरकार में अपने मत्रियों के पोर्टफोलियों को लेकर शिवसेना गुट के साथ विवाद बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
BJP आलाकमान की मुश्किलें बढती हुई दिखाई दे रही हैं
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, अजित पवार की NCP और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को महायुति की नई सरकार में अपनी पसंद के पोर्टफोलियो चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर अजित पवार दिल्ली पहुंचे हुए हैं। अजित पवार अपने विधायकों को महायुति की नई सरकार में अपनी पसंद के पोर्टफोलियो दिलाने के लिए भाजपा आलाकमान से बातचीत कर रहे हैं। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, अजित पवार अपने मंत्रियों के लिए जिन पोर्टफोलियो की मांग कर रहे हैं उसको शिवसेना गुट भी अपने मंत्रियों के लिए मांग रहा है। अजित पवार और शिवसेना महायुति की नई सरकार में अर्बन डेवलपमेंट, PWD, वित्त मंत्रालय जैसे कई पोर्टफोलियो की अपने मंत्रियों के लिए मांग कर रहे हैं। इसके कारण बीजेपी आलाकमान की मुश्किलें बढती हुई दिखाई दे रही है।
महाराष्ट्र में 5 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री पद की शपथ होनी है
महाराष्ट्र में 5 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री पद की शपथ होनी है। बीजेपी ने महाराष्ट्र में सीएम पद पर फैसला लेने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी को महाराष्ट्र का केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। ये दोनों बीजेपी के बड़े नेता महायुति की तीनों पार्टी से बातचीत के बाद सीएम पद पर फैसला लेंगे। भाजपा आलाकमान को पूरी उम्मीद है कि दोनों केंद्रीय पर्यवेक्षक मिलकर एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार के बीच मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर चल रहे अंदरूनी विवाद को सुलझा लेंगे।





