नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री का ताज एक बार फिर बीजेपी विधायक दल के नेता देवेंद्र फडणवीस के सर सजेगा। मुंबई में आज शाम को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ के अलावा एकनाथ शिंदे और अजित पवार भी डिप्टी सीएम की शपथ लेंगे। अजित पवार इस दौरान एक नया इतिहास रचने वाले हैं। वे महाराष्ट्र की नई सरकार में छठी बार डिप्टी सीएम बनेंगे।
महाराष्ट्र में आज नई सरकार का गठन होने जा रहा है। लेकिन अब तक कैबिनेट को लेकर तस्वीर साफ नहीं हुई है। हालांकि इस बार अनोखा यह है कि महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नेता के तौर पर अजित पवार के नाम एक नया रिकॉर्ड दर्ज होने जा रहा है। उन्होंने बीते दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक सवाल के जवाब में आत्मविश्वास भरे लहजे में कहा कि, “मैं तो कल शपथ लेने वाला हूं।” इस बयान के बाद से सियासी हलचल और तेज हो गई।
महाराष्ट्र की राजनीति के हैं अनुभवी नेता
महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार को एक अनुभवी नेता माना जाता है। वे अब तक पांच बार महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ले चुके हैं। पहली बार नवंबर 2010 में पृथ्वीराज चव्हाण सरकार के डिप्टी सीएम बने । इसके बाद अक्टूबर 2012 से सितंबर 2014 तक भी उनके पास यही जिम्मेदारी रही। 2019 में NDA सरकार में महज 80 घंटे के लिए वे डिप्टी सीएम बने, लेकिन सरकार गिरने के बाद महा विकास अघाड़ी के तहत उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में चौथी बार शपथ ली। जुलाई 2023 में पवार शिवसेना और भाजपा गठबंधन के साथ पांचवीं बार डिप्टी सीएम बने। वे अब छठवी बार इस पद पर शपथ लेने जा रहे हैं।
डिप्टी सीएम के पद पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया था फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने डिप्टी सीएम की नियुक्ति पर इसी साल 12 फरवरी को फैसला सुनाया था। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने कहा था कि डिप्टी सीएम का पद असंवैधानिक नहीं है। चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा था कि डिप्टी सीएम का पद एक ओहदा है, इससे किसी संवैधानिक प्रावधान का उल्लंघन नहीं होता। उप-मुख्यमंत्री राज्य सरकार में सबसे पहला और सबसे अहम मंत्री होता है। डिप्टी सीएम का पद संविधान का उल्लंघन नहीं है।
ऐसा रहा अजित पवार का राजनीति सफर
अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार की देखरेख 1990 में पहली बार महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव लड़ा था। जिसमें शानदार जीत हासिल कर राजनीति में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने शरद पवार के संरक्षण में सियासत के गुण सीखे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के गठन के बाद वे खास नेता के तौर पर उभरे और अलग-अलग मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। अपनी मेहनत और चतुराई से अजित पवार ने महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी खास जगह बना ली थी। यही कारण है कि उन्हें कई बार उपमुख्यमंत्री बनाया गया।





