नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। राजधानी दिल्ली सोमवार सुबह से धुएं की मोटी चादर में लिपटी हुई है। यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स बहुत ही खराब श्रेणी में पहुंच गया है। अक्षरधाम मंदिर पर बहुत अधिक धुध देखी गई है। यहां की एयर क्लाविटी 307 पर पहुंच गई है। जो बहुत ही खराब श्रेणी में आता है।
दिल्ली के आनंद विहार इलाके का AQI 454 पर पहुंचा
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जब एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब कैटैगरी में आता है तो इससे सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। लेकिन जब बेहद खराब कैटेगरी में पहुंच जाता है तो इसमें सांस संबंधी बीमारी हो सकती है। इससे पहले 20 अक्टूबर को सुबह 8.30 बजे दिल्ली के आनंद विहार इलाके का AQI 454 पर पहुंच गया था जो गंभीर कैटेगरी में पहुंच गया था। द्वारका सेक्टर 8 का प्रदूषण स्तर 311 पर पहुंच गया। जो सबसे खराब श्रेणी में आता है। ITO का प्रदूषण स्तर भी 232 पर था स्वास्थ के लिए घातक है। दिल्ली में मौसम ठंडा होते ही प्रदूषण बढ़ लगातार बढ़ रहा है।
लगातार बेहद खराब श्रेणी में हैं दिल्ली का AQI
इसके पहले शनिवार को दिल्ली का AQI 251 पहुंच गया था। यह बहुत की खराब श्रेणी है। यहां पर लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो गया। इंडिया गेट के पास AQI खराब श्रेणी में है, वो वहीं दूसरी ओर आनंद विहार का AQI 334 था जो बेहद खराब की श्रेणी में आता है।
पराली जलाने के कारण स्थिति और अधिक खराब हो सकती है
आने वाले दिनों में पराली जलाने के कारण स्थिति और खराब हो सकती है। खराब एयर क्वालिटी के मद्देनजर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने 1 जनवरी, 2025 तक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में सभी प्रकार के पटाखों के बनाने, स्टोर करने, बेचने, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिलीवरी सहित और फोड़ने पर रोक लगा दी है। यह दिल्ली सरकार के 21 पॉइंट विंटर एक्शन प्लान का भाग है। इतना ही नहीं यमुना के पानी में भी सफेद झाग आने लगे है। दिल्ली की हवा के साथ पानी भी प्रदूषित हो गया है।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में प्रदूषण दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है जिस कारण एयर की गुणवत्ता खराब हो रही है। इसके मद्देनजर GRAP स्टेज 1 को लागू कर दिया गया है। यह चार चरणों में वर्गीकृत किया जाता है- स्टेज I – ‘खराब’ (AQI 201-300), स्टेज II – ‘बहुत खराब’ (AQI 301-400), स्टेज III – ‘गंभीर’ (AQI 401-450), स्टेज IV – ‘गंभीर प्लस’ (AQI >450)।





