नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। महाकुंभ 2025 के दूसरे अमृत स्नान के अवसर पर मौनी अमावस्या के दिन भारी भीड़ के कारण भगदड़ मच गई, जिससे कई श्रद्धालु घायल हो गए। इस घटना के बाद महाकुंभ मेला की जिम्मेदारी संभाल रहे आईएएस विजय किरण आनंद चर्चा में आ गए हैं।
महाकुंभ मेले की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं विजय किरण आनंद
महाकुंभ 2025 के सफल आयोजन की जिम्मेदारी आईएएस अधिकारी विजय किरण आनंद को सौंपी गई है। यह आयोजन 13 जनवरी से शुरू हुआ था और 26 फरवरी को छठे और आखिरी स्नान के साथ संपन्न होगा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ मेला नाम का एक अस्थायी जिला स्थापित किया है, जिसका प्रशासन विजय किरण आनंद देख रहे हैं।
चार्टर्ड अकाउंटेंट से बने आईएएस अधिकारी
विजय किरण आनंद ने 2008 में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास कर 2009 बैच के यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी बने। बेंगलुरु में जन्मे विजय किरण एक योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट भी हैं। उन्होंने अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एसडीएम के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने बाराबंकी में मुख्य विकास अधिकारी के रूप में कार्य किया। विजय किरण आनंद ने यूपी के मैनपुरी, उन्नाव, फिरोजाबाद, वाराणसी और शाहजहांपुर जिलों में बतौर जिलाधिकारी अपनी सेवाएं दी हैं। उन्हें पहले भी 2017 के माघ मेले और 2019 के अर्धकुंभ मेले की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके अलावा, उन्होंने पंचायती राज, सिंचाई और बेसिक शिक्षा विभागों में भी कार्य किया है। आईएएस विजय किरण आनंद के उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2020 में सिविल सेवा दिवस पर प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्हें स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सराहा गया था।
महाकुंभ के लिए विशेष इंतजाम
महाकुंभ 2025 में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यूपी सरकार ने अस्थायी जिला बनाया है, जिसमें चार तहसीलों के 67 गांव शामिल हैं। इस जिले के जिला मजिस्ट्रेट के रूप में विजय किरण आनंद को नियुक्त किया गया है। महाकुंभ का सफल आयोजन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है, लेकिन हाल ही में हुई भगदड़ की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस चुनौती का सामना कैसे करता है।




