नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। इसरो स्पेस डॉकिंग के लिए स्पाडेक्स का इस्तेमाल कर चुका है। अब इसरो का अगला लक्ष्य एक खास उपलब्धि को हासिल करने पर है। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, इसरो जनवरी में प्रस्तावित भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान (GSLV)के जरिए श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से 100वां प्रक्षेपण करने की बड़ी उपलब्धि हासिल कर लेगा। इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा कि 30 दिसंबर 2024 को पूरा हुआ PSLV-C60 मिशन श्रीहरिकोटा से 99वां प्रक्षेपण था।
“हम नए साल 2025 की शुरुआत में 100वां प्रक्षेपण करेंगे”
इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि इस मिशन के तहत इसरों स्पेस डॉकिंग की क्षमता को प्रदर्शित करने में सहायता के उद्देश्य वाले दोनों अंतरिक्ष यान सफलतापूर्वक अलग हो गए और उन्हें 30 दिसंबर 2024 की देर रात पृथ्वी के निचले वांछित कक्ष में स्थापित कर दिया गया है। इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने आगे कहा कि आप लोगों ने स्पाडेक्स रॉकेट के शानदार प्रक्षेपण को देखा और यह सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किसी यान का 99वां प्रक्षेपण था। इसी कारण यह एक बहुत महत्वपूर्ण संख्या है। हम नए साल 2025 की शुरुआत में 100वां प्रक्षेपण करेंगे।
साल 2025 में कई मिशन को पूरा करेंगे: एस सोमनाथ
इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने PSLV-C60 मिशन के तहत स्पेस ‘डॉकिंग एक्सपेरीमेंट’ अंतरिक्ष यान ‘A’ और ‘B’ को वृत्ताकार कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किए जाने के बाद इसरो के भावी प्रक्षेपणों की जानकारी दी। एस सोमनाथ ने कहा कि हम साल 2025 में कई मिशन को पूरा करेंगे, जिनकी शुरुआत जनवरी 2025 में GSLV द्वारा NVS-02 के प्रक्षेपण से होगी।
ISRO ने NVS-01 का मई 2023 में सफल प्रक्षेपण किया था
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, इसरो ने GSLV के जरिए दूसरी पीढ़ी के ‘नेविगेशन’ उपग्रह NVS-01 का मई 2023 में सफल प्रक्षेपण किया था। इसके बाद इसरो ने इसको सफलतापूर्वक भूस्थैतिक स्थानांतरण कक्षा (GTO) में स्थापित कर दिया। GSLV यान ने 2,232 किलोग्राम वजनी NVS-01 उपग्रह को भूस्थैतिक स्थानांतरण कक्षा (GTO) में स्थापित कर दिया। NVS-01 भारतीय नक्षत्र-मंडल नेविगेशन सेवाओं के लिए परिकल्पित दूसरी पीढ़ी के उपग्रहों में से पहला उपग्रह है।





