नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र के पुणे में पद का दुरुपयोग और फर्जी विकलांगता सर्टिफिकेट मामले में घरीं ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर के बाद अब पूर्व आईएएस अभिषेक सिंह पर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि अभिषेक ने UPSC में रियायत के लिए खुद को लोकोमोटिव डिसऑर्डर (चलने-फिरने में अक्षम) से ग्रस्त बताया है।
कैसे शुरू हुई चर्चा?
दरअसल विवादों में आने के बाद ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर के सर्टिफिकेट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। जिसमें उन्होंने अपने आपको विकलांग बताया था। जिसको लेकर लोगों ने यूपीएससी पर लगातार आरोप लगाने लगे। इसके बाद लोगों ने कोटे से चयनित होने वाले दूसरे आईएएस-आईपीएस के प्रमाणपत्र वायरल करने लगे। इसी में एक प्रमाणपत्र पूर्व आईएएस अभिषेक सिंह का भी था। जिसमें उन्होंने खुद को लोकोमोटिव डिसऑर्डर से ग्रस्त बताया था। जबकि वो अपने सोशल मीडिया पर लगातार जिम जाने और डांस करने के वीडियो डालते हैं। जिसके बाद लोगों ने उनके चयन पर सवाल उठाने लगे।
सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर दिया जवाब
जिसके बाद अभिषेक सिंह ने सोशल मीडिया पर लंबा चौड़ा पोस्ट लिखकर अपने आलोचकों को जवाब दिया। लेकिन उन्होंने अपने विकलांगता के बारे में कुछ नहीं बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि मैं किसी आलोचना से प्रभावित नहीं होता। यह पहली बार है जब मैं अपने आलोचकों को जवाब दे रहा। क्योंकि मेरे समर्थकों ने मुझे ऐसा करने के लिए कहा। जबसे मैने आरक्षण का समर्थन किया है मुझे आरक्षण विरोधियों ने निशाना बनाया है।
जौनपुर के रहने वाले हैं अभिषेक
अभिषेक सिंह उत्तर प्रदेश के जौनपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 96वीं रैंक हासिल की थी। उनके पिता प्रमोटी आईपीएस रहे हैं। अभिषेक सिंह की पत्नी दुर्गा शक्ति नागपाल एक चर्चित आईएएस हैं। अभिषेक सिंह उस समय चर्चा में आये थे। जब गुजरात विधानसभा चुनाव में बतौर चुनाव प्रेक्षक कार के साथ तस्वीर साझा की थी। विवाद बढ़ने पर उनको प्रेक्षक पद से हटा दिया था। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
क्या है लोकोमोटिव डिसऑर्डर ?
लोकोमोटिव डिसऑर्डर में एसिड अटैक पीड़ित, सेब्रेल पैलसी, बौनापन, मांसपेशीय दुर्विकास आदि समस्याएं आती हैँ। इसके अंतर्गत हाथ, पैर जैसे शहीर के कई अंगों के काम न करने के आधार पर शामिल किया जाता है।
अन्य खबरों के लिए क्लिक करें :- www.raftaar.in





