नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यभार संभालने के तुरंत बाद अपनी कैबिनेट का गठन किया और महत्वपूर्ण मंत्रालय अपने पास रखे। खास बात यह है कि उन्होंने किसी को उपमुख्यमंत्री नहीं बनाया।
कैबिनेट गठन और विभागों का बंटवारा
गुरुवार देर रात हुई पहली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विभागों का बंटवारा किया। उन्होंने वित्त, महिला एवं बाल विकास, सेवा, सतर्कता, राजस्व और योजना समेत 10 मंत्रालय खुद के पास रखे।
इन मंत्रियों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
प्रवेश वर्मा – लोक निर्माण, जल और सिंचाई विभाग
आशीष सूद – गृह, शिक्षा, बिजली और शहरी विकास विभाग
मनजिंदर सिंह सिरसा – उद्योग, पर्यावरण और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग
पंकज कुमार सिंह – स्वास्थ्य, परिवहन और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
कपिल मिश्रा – कानून एवं न्याय, श्रम, पर्यटन और कला एवं संस्कृति विभाग
रविंदर इंद्रज सिंह – सामाजिक कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण और सहकारिता विभाग
स्पीकर बन सकते हैं विजेंद्र गुप्ता
तीन बार के विधायक विजेंद्र गुप्ता को दिल्ली विधानसभा का अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना है। वहीं, वरिष्ठ नेता मोहन सिंह बिष्ट उपाध्यक्ष हो सकते हैं।
सरकार के काम करने के तरीके में बदलाव
आम आदमी पार्टी सरकार में अरविंद केजरीवाल ने कोई भी विभाग अपने पास नहीं रखा था, जबकि उनके डिप्टी मनीष सिसोदिया के पास एक समय में 18 मंत्रालय थे। लेकिन नई सरकार में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद 10 विभाग अपने पास रखकर एक नया कार्यशैली अपनाई है।
नई सरकार से क्या संकेत मिलते हैं?
रेखा गुप्ता के खुद 10 मंत्रालय संभालने और उपमुख्यमंत्री की नियुक्ति न करने से संकेत मिलता है कि वह सरकार के प्रशासनिक कार्यों पर खुद सीधा नियंत्रण रखना चाहती हैं। साथ ही, इससे यह भी जाहिर होता है कि नई सरकार की प्राथमिकता वित्त और प्रशासन को मजबूत करना है।





