नई दिल्ली, 30 मई (हि.स)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से वायु सेना के ग्रुप कैप्टन एके. पटनायक की 12 वर्षीय बेटी अदिति ने कहा कि सारी सेना और अन्य लोग बहुत काम कर रहे हैं। हमलोग कोरोना से यह लड़ाई जरूर जीतेंगे। ‘मन की बात’ कार्यक्रम में आज प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना के उन फ्रंट लाइन वारियर्स से बातचीत की, जो भारी चुनौती का सामना करते हुए ऑक्सीजन को देश के सुदूर हिस्सों तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके साहस और शौर्य की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनौती कितनी ही बड़ी हो, भारत का विजय संकल्प भी हमेशा उतना ही बड़ा रहा है। देश की सामूहिक शक्ति और हमारे सेवा-भाव ने देश को हर तूफान से बाहर निकाला है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने वायु सेना के ग्रुप कैप्टन एके पटनायक से बातचीत की। इस दौरान पटनायक ने कहा कि हमारे लिए बहुत ही सौभाग्य की बात है कि हमें मिशन मिला है। हम अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहे हैं और इस कार्य को पूरा कर हमें संतुष्टि मिल रही है। पटनायक ने बताया कि इस कार्य को करते हुए वे अबतक 3,000 से ज्यादा घंटे की उड़ान भर चुके हैं। ग्रुप कैप्टन पटनायक की 12 वर्षीय बेटी अदिति ने प्रधानमंत्री से कहा कि उन्हें अपने पिता पर गर्व है। प्रधानमंत्री के एक सवाल पर अदिति ने कहा कि सारी सेना बहुत काम कर रही है। मुझे यकीन है कि सबकी कोशिशों के साथ हमलोग कोरोना से यह लड़ाई जरूर जीतेंगेI ‘मन की बात’ के 77वें कार्यक्रम में कोरोना के फ्रंट लाइन वारियर्स की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हाल के दिनों में हमने देखा है कि कैसे हमारे डॉक्टर्स, नर्स और अन्य फ्रंट लाइन वारियर्स ने खुद की चिंता छोड़कर दिन रात काम किया और आज भी कर रहे हैं। इस सबके बीच कई लोग ऐसे भी हैं, जिनकी कोरोना की दूसरी वेब से लड़ने में बहुत बड़ी भूमिका रही है। मुश्किल समय में युद्ध-स्तर पर ऑक्सीजन टैंकरों को देश के सुदूर हिस्सों तक पहुंचाने वाले उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी दिनेश उपाध्याय से उन्होंने बातचीत की। प्रधानमंत्री के एक सवाल पर उपाध्याय ने कहा कि आज हमारे भीतर यह जिज्ञासा आती है, कितने जल्दी पहुंचकर लोगों की जान बचाएं। खाना मिले-चाहे न मिले, कुछ भी दिक्कत हो, लेकिन हॉस्पिटल पहुंचना है। दिनेश उपाध्याय ने आगे कहा कि जब टैंकर लेकर आते देखते हैं तो हॉस्पिटल वाले हम लोगों को ‘व्ही’ का इशारा करते हैं। कोई अंगूठा दिखाता है। इससे हमको बहुत तसल्ली आती है कि हमने कोई अच्छा काम किया है। प्रधानमंत्री से बातचीत के क्रम में दिनेश उपाध्याय ने कहा कि जब फोन पर बच्चों से बात होती है तो वे कहते हैं कि ‘पापा काम करो लेकिन अपनी सुरक्षा से करो।’ प्रधानमंत्री से उपाध्याय ने कहा कि ‘सर जी ! हम लोग कोरोना को किसी-न-किसी दिन जरूर हराएंगे।’ प्रधानमंत्री मोदी ने ऑक्सीजन एक्सप्रेस की लोकल पायलट शिरिषा गजनी से भी बातचीत की। इस दौरान शिरिषा ने बताया कि उनके माता-पिता प्रेरणा के स्रोत हैं और उन्होंने ही इस कार्य के लिए शिरिषा को प्रेरित किया। हिन्दुस्थान समाचार/ब्रजेश




