नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। मुंबई में 26/11 आतंकी हमले को आज 17 साल पूरे हो रहे हैं। इस मौके पर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की ओर से गेटवे ऑफ इंडिया पर बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान देश उन सभी शहीदों को याद करेगा जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना जीवन न्योछावर किया।
नेवर एवर थीम के साथ शहीदों को श्रद्धांजलि
अधिकारियों के अनुसार यह कार्यक्रम ‘Never Ever’ (फिर कभी नहीं) थीम पर आधारित होगा। इसमें शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को सम्मान हमले में बचे लोगों को सम्मान ऑडियो-वीडियो शो मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि किया जाएगा। इसके साथ ही ऐसी घटना दोबारा न हो, इसका सामूहिक संकल्प भी लिया जाएगा।
स्कूल-कॉलेज के छात्र भी होंगे शामिल
इस स्मारक कार्यक्रम में 11 कॉलेज और 26 स्कूलों के छात्र शामिल होंगे ये छात्र शांति और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश देंगे। लोग लिखेंगे संकल्प और श्रद्धा संदेश कार्यक्रम स्थल पर संकल्प बूथ संदेश लेखन कोना भी बनाया गया है, जहाँ लोग शहीदों और पीड़ितों के लिए संदेश लिख सकेंगे। शाम को गेटवे ऑफ इंडिया को तिरंगे की रोशनी में सजाया जाएगा और Never Ever शब्द प्रोजेक्ट किया जाएगा।
मुंबई हमले की याद 166 शहीद, 300 से अधिक घायल
26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से आए 10 आतंकवादियों ने ताज होटल सीएसएमटी रेलवे स्टेशन, नरीमन हाउस, ओबेरॉय होटल सहित कई जगहों पर हमला किया था। इन हमलों में 166 लोगों की मौत और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। क्यों चुना गया 26 नवंबर योजना के पीछे छिपी चाल जांच एजेंसियों के अनुसार यह तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि भारतीय नौसेना 17-22 नवंबर तक बड़े समुद्री अभ्यास में व्यस्त थी उसके बाद समुद्री सतर्कता कुछ कम हो गई इसका फायदा उठाकर आतंकी समुद्र के रास्ते भारत में दाखिल हुए।
कुबेर नाव के जरिए घुसे आतंकी
आतंकियों ने कुबेर नाम की भारतीय मछली पकड़ने वाली नाव को कब्जे में लिया 4 मछुआरों की हत्या की गई कप्तान को मुंबई की ओर जाने को मजबूर किया गया तट के पास कप्तान की भी हत्या कर दी गई फिर दो समूहों में बँटकर मुंबई में आतंक फैलाया गया 26/11 साजिश का खामोश मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा FBI रिपोर्ट के मुताबिक डेविड हेडली ने शिकागो में राणा से मुलाकात कर योजना बताई थी समुद्री लहरें अनुकूल नहीं होने पर पहले हमला टाला गया हमले की जानकारी और रणनीति की अहम भूमिका राणा ने निभाई इस समय राणा को मुंबई के ऑर्थर रोड जेल में रखने की तैयारी की जा रही है। कसाब की तरह फाँसी का डर उसे भी सताने लगा है। 26/11 की बरसी केवल एक याद नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा के प्रति मजबूत इरादों का संदेश है नेवर एवर ऐसा हमला फिर कभी नहीं।




