नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में हुई हिंसा के बाद से यूपी पुलिस की कार्रवाई जारी है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने अभी तक इस मामले में 25 लोगों को गिरफ्तार किया है और 2500 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। यूपी पुलिस के अधिकारी ड्रोन के फुटेज से उपद्रवियों की पहचान कर रहे हैं। वहीं संभल हिंसा को लेकर पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के संभल में हिंसा को जानबूझकर सरकार ने भड़काया है।
सांसद जिया उर्र रहमान बर्क का बड़ा बयान
वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर्र रहमान बर्क ने संभल हिंसा को लेकर कहा है कि आजादी के बाद देश में मुसलमानों के साथ इससे बुरा हाल नहीं हुआ होगा, जिस प्रकार से आज उन्हें टारगेट किया जा रहा है। इसके बाद अपनी बात जारी रखते हुए जिया उर्र रहमान बर्क ने कहा कि हमने बहुत ही शांति के साथ सर्वे कराया। जुम्मे के दिन नमाज पढ़ने से भी रोका गया। लेकिन कल 24 अक्टूबर 2024 को दोबारा से सर्वे कराने की क्या जरुरत थी? कल जो भीड़ वहां पहुंची उन्होंने धार्मिक नारे लगाए।
“ये लोग जानबूझ कर देश और उत्तर प्रदेश को जलाना चाहते हैं”
संभल हिंसा को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि विपक्ष के लोगों ने जानबूझकर, सुनियोजित तरीके से यह दंगा करवाया है। जिस तरह से गोधरा में सब कुछ पहले से प्रायोजित था। उसी तरह यह वहां पर सर्वे की टीम पर हमला नहीं था, बल्कि वो भारत के संविधान पर बड़ा हमला था। अब तो यह भी साफ हो गया है कि वे लोग पुलिस की गोली से नहीं मरे हैं, बल्कि उपद्रवियों की गोली से मरे हैं। विपक्ष ने कहा था कि बांग्लादेश के बाद अब भारत जलेगा। यह वही करने का प्रयास था। ये लोग जानबूझ कर देश और उत्तर प्रदेश को जलाना चाहते हैं।
पुलिस हिंसा के दोषियों के खिलाफ NSA के तहत कार्रवाई करेगी
बता दें कि उत्तर प्रदेश के संभल जिले में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए हिंसा से अभी तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमे से 3 मौत 24 नवंबर 2024 को हुई थी। जिनको पोस्टमार्टम के बाद रातोंरात दफना दिया गया। वहीं एक मौत आज 25 नवंबर 2024 की सुबह हुई है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने संभल हिंसा मामले में 4 FIR दर्ज की है और अभी तक 25 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस हिंसा के दोषियों के खिलाफ NSA के तहत कार्रवाई करेगी। वहीं पोस्टमार्टम से यह भी खुलासा हुआ है कि 4 लोगों की मौत पुलिस की गोली से नहीं हुई है, बल्कि उपद्रवियों की गोली से हुई है।वहीं संभल में हिंसा का बड़ा असर देखने को मिला है। शहर में 1-2 दुकाने ही खुली हुई दिखाई दी। वहीं एहतियात के तौर पर संभल में इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई है। संभल में सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इस हिंसा में 20 पुलिस के जवान भी घायल हैं।





