नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । गुजरात में वडोदरा और आणंद को जोड़ने वाला पुल टूटने की घटना में अब तक महिसागर नदी से 17 शव बरामद किए जा चुके हैं। हादसे में एक ही परिवार के कई सदस्यों की जान चली गई, अब मृतकों की संख्या 17 तक पहुंच चुकी है। सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सड़क एवं भवन विभाग के चार इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। वहीं, तीन लापता लोगों की तलाश अब भी जारी है और राहत-बचाव कार्य तेजी से चल रहा है।
पुल का एक हिस्सा अचानक ढह गया
बुधवार सुबह पादरा कस्बे के नजदीक गंभीरा गांव के पास स्थित लगभग 43 साल पुराने पुल का एक हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे कई वाहन महिसागर नदी में जा गिरे। यह पुल आणंद और वडोदरा जिलों को आपस में जोड़ता है। वडोदरा के जिलाधिकारी अनिल धमेलिया ने जानकारी दी कि हादसे में अब तक 17 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि तीन लोग अभी भी लापता हैं। NDRF, SDRF और अन्य एजेंसियां मिलकर खोज और बचाव अभियान चला रही हैं। घायलों में से पांच की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है और चिकित्सकों के अनुसार उन्हें जल्द ही अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है।
बारिश और दलदल ने बचाव कार्य में डाली बाधा’
भारी बारिश और महिसागर नदी में जमा गहरे दलदल के कारण राहत और बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। इस स्थिति में कोई भी भारी मशीनरी प्रभावी रूप से काम नहीं कर पा रही है, जिससे सर्च ऑपरेशन में परेशानी आ रही है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पुल हादसे को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को कार्रवाई करते हुए राज्य के सड़क और भवन विभाग के चार अभियंताओं को निलंबित कर दिया है।
गुजरात में पहले भी हो चुके हैं पुल हादसे
गुजरात में इससे पहले भी पुल हादसे हो चुके हैं। 2021 से अब तक पुल ढहने की कम से कम छह बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें सबसे भयावह हादसा अक्टूबर 2022 में हुआ था, जब मोरबी शहर में मच्छु नदी पर स्थित ब्रिटिशकालीन झूलानुमा पुल टूट गया था। इस दुखद दुर्घटना में 135 लोगों की जान चली गई थी। उस हादसे के बाद से सरकार लगातार एक्शन मोड में है। इसी के मद्देनजर इस ताजा घटना के बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पुराना ऑडियो
पुल हादसे के बाद एक तीन साल पुराना ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस क्लिप में युवा सेना संगठन चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता लखन दरबार को सड़क और भवन विभाग के एक अधिकारी से बातचीत करते हुए सुना जा सकता है, जिसमें वे पुल की मरम्मत या नए पुल के निर्माण की अपील कर रहे हैं। दरबार बातचीत में यह भी बताते हैं कि वडोदरा जिला पंचायत सदस्य हर्षदसिंह परमार ने भी विभाग को पत्र लिखकर करीब चार दशक पुराने पुल की जर्जर स्थिति पर चिंता जाहिर की थी।





