नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारत दौरे पर आए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का शुक्रवार 5 दिसंबर को राष्ट्रपति भवन में भव्य स्वागत किया गया। उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई और गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर खुद पुतिन का स्वागत किया। इससे पहले गुरुवार शाम करीब 7 बजे उनका विमान दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उतरा था।
कौन-कौन पाता है सबसे ऊंचा गार्ड ऑफ ऑनर?
भारत में सबसे उच्च स्तर का गार्ड ऑफ ऑनर केवल दो ही तरह के लोगों को दिया जाता है भारत के राष्ट्रपति किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भी इसी विशेष श्रेणी का गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके अलावा उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल को भी गार्ड ऑफ ऑनर मिलता है, लेकिन उसकी श्रेणी अलग होती है और उसमें जवानों की संख्या कम रहती है।
कौन-सी फोर्स देती है गार्ड ऑफ ऑनर?
गार्ड ऑफ ऑनर किसी एक सेना की जिम्मेदारी नहीं होती। इसमें भारत की तीनों सेनाएं शामिल होती हैं थल सेना (Army) वायु सेना (Air Force) नौसेना (Navy) इसे ट्राई-सर्विस गार्ड ऑफ ऑनर कहा जाता है। राष्ट्रपति भवन के सामने इस सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रेसिडेंट्स बॉडीगार्ड (PBG) निभाता है। यह दुनिया की सबसे पुरानी घुड़सवार रेजिमेंट मानी जाती है, जिसकी शुरुआत साल 1773 में हुई थी।
कितने जवान देते हैं राष्ट्रपति को गार्ड ऑफ ऑनर?
रक्षा मंत्रालय के प्रोटोकॉल के अनुसार किसी भी राष्ट्रपति को 150 जवान गार्ड ऑफ ऑनर देते हैं इसमें सेना के 50 जवान वायुसेना के 50 जवान नौसेना के 50 जवान शामिल होते हैं इसके अलावा 20 से 25 घुड़सवार सैनिक प्रेसिडेंट्स बॉडीगार्ड से शामिल होते हैं पहले जब अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, बराक ओबामा और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों भारत आए थे, तब उन्हें भी 150 जवानों का गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। अन्य पदों पर कितने जवान मिलते हैं सम्मान में? उपराष्ट्रपति को 100 जवान गार्ड ऑफ ऑनर देते है। और प्रधानमंत्री को 100 जवान गार्ड ऑफ ऑनर देते है। रक्षा मंत्री को 50 से 100 जवान गार्ड ऑफ ऑनर देते है। तो वही राज्यपाल को करीब 50 जवान गार्ड ऑफ ऑनर देते है राज्य पुलिस और सेना की टुकड़ी जब कोई विदेशी राष्ट्रपति भारत आता है उनके लिए रेड कार्पेट बिछाया जाता है तीनों सेनाओं के जवान लाइन में खड़े होकर प्रेजेंट आर्म्स करते हैं सबसे पहले मेहमान देश का राष्ट्रगान बजता है इसके बाद भारत का राष्ट्रीय गान जन-गण-मन बजाया जाता है भारत के राष्ट्रपति और विदेशी मेहमान सलामी लेते हैं।





