चाणक्य ने शासक बनने और सत्ता संभालने से संबंधित कुछ नीतियां बताई थीं। चाणक्य कहते हैं कि जो शासक धर्म में आस्था रखता है, वही देश के जन मानस को सुख पहुंचा सकता है। सद्विचार और सद् आचरण को धर्म माना जाता है। जिसमें ये दो गुण हैं वही राजा क्लिक »-www.prabhasakshi.com
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