कोलकाता, 10 मार्च (हि. स.)। बेलूर मठ 15 मार्च को, रामकृष्ण परमहंस की जयंती और 21 मार्च को आम त्योहार के दिन बंद रहेगा। चूंकि कोरोना स्थिति में भीड़ और शारिरिक दूरी के नियमों का पालन करना संभव नहीं हो पा रहा है। हर साल इन दिनों में भीड़ उमड़ती है इसलिए यह निर्णय लिया गया है। मठ के सूत्रों के अनुसार, लॉकडाउन के दौरान या बाद में जिस तरह से वर्चुअली माध्यम से सार्वजनिक समारोहों और पूजा को दिखाया जाता गया था। फिर उसी तरह की व्यवस्था की जायेगी। जिससे दर्शक, भक्त को घर बैठे ही अपने मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन पर पूजा देखने का अवसर मिलेगा। उल्लेखनीय है कि, मठ 10 फरवरी को कुछ नियमों के साथ मठ को फिर से खोल दिया गया था। इस बीच, इसे दो दिनों के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया। रामकृष्ण मिशन की वार्षिक साधारण सभा सात मार्च को दोपहर में बेलूर मठ में आयोजित की गई। आवेदन में कहा गया है कि शिक्षा में मैकेनिकल, ऑटोमोबाइल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग के छात्रों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से चेन्नई स्टूडेंट्स होम में एक कौशल विकास केंद्र स्थापित करने के लिए काम शुरू किया गया है। बेलूर मठ ने स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छ भारत अभियान, राहत और पुनर्वास जैसी सभी चीजों में शानदार काम किया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में कनखल सेवाश्रम अस्पताल में एक नया ऑपरेटिंग थिएटर कॉम्प्लेक्स, आईसीयू, सर्जिकल वार्ड, डायलिसिस यूनिट और सीटी स्कैन शुरू किया गया है। रामकृष्ण मिशन की ओर से बताया गया है कि कोरोनाकाल के समय कई जगहों पर पीड़ितों को राहत और पुनर्वास दिया गया है। मिशन की तरफ से विभिन्न स्थानों पर राहत सामग्री पहुंचाई गयी है। हिन्दुस्थान समाचार/सुगंधी/गंगा




