नदिया, 20 जून (हि.स.)। कोरोना महामारी के बीच रविवार को नदिया जिले के रानाघाट महकमा अस्पताल के टीकाकरण केंद्र पर हिमोफीलिया से संक्रमित 13 रोगियों का टीकाकरण किया गया है। रविवार को यह टीकाकरण अभियान खासकर हिमोफीलिया रोगियों के लिए शुरू किया गया है।इस संबंध में राणाघाट महकमा अस्पताल के कार्यवाहक अधीक्षक श्यामल कुमार पोड़े ने बताया कि हिमोफीलिया रोगियों की एक सूची बनाकर एसीएमएच विभाग को टीकाकरण के लिए भेजा गया था। उसी अनुसार आज रोगियों का टीकाकरण किया गया है। अस्पताल के पीएचएन (पब्लिक हेल्थ नर्स) मनश्री बागची ने बताया कि आज जिन लोगों ने टीका लिया है। वे टीका लेने से 30 मिनट पहले खुद ही फैक्टर-8 लिया था। इसके बाद टीका लिया, अब उनके शरीर में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं होगी। टीका लगवाने के बाद एक युवक ने बताया कि टीका लेने के बाद पूरी तरह स्वस्थ हूं, कोई दिक्कत नहीं हुई है। युवक ने बताया कि टीका लेने से पहले फैक्टर-8 अस्पताल ही देता लेकिन हमलोगों को खुद ही अपने खर्च पर लेना पड़ा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस तरह के रोगियों को राज्य के किस-किस अस्पताल से टीका दिया जाता है। इसकी सूची स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले ही जारी किया जा चुकी है। इसी क्रम में नदिया जिले के शक्तिनगर जिला अस्पताल और राणाघाट महकमा अस्पताल में टीकाकरण केंद्र खोला गया है। चिकित्सकों के अनुसार जब किसी दुर्घटनावश शरीर से खून बहने लगता है तब शरीर सभी रक्त कोशिकाओं को एकत्रित कर लेता है। इससे एक क्लॉट बना लेता है, इस क्लॉट की वजह से ब्लीडिंग रुक जाती है। ब्लड क्लोटिंग फैक्टर्स की वजह से यह प्रक्रिया शुरू होती है। अगर इनमें से किसी क्लॉटिंग फैक्टर में कमी आ जाती है तो हिमोफीलिया होने का खतरा रहता है। इसे अनुवांशिक रोग भी कहते हैं। यह कई प्रकार का होता है जो ज्यादातर माता-पिता से या परिवार से ही विकसित होता है। हिन्दुस्थान समाचार/गंगा




