नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। साल के पहले बड़े चक्रवाती तूफान रेमल ने बंगाल की खाड़ी के तट के पास दस्तक देने के बाद बांग्लादेश और भारत में अबतक 16 लोगों की जान ली है। बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में भारी बारिश के कारण दर्जनों लोग घायल हो गए हैं और बिजली लाइनों को भारी नुकसान होने की खबर है। पश्चिम बंगाल सरकार ने प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्रों में बिजली की सेवाएं बंद कर दी हैं।
135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आया चक्रवाती तूफान
भारतीय मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाला तूफान रविवार रात बांग्लादेश के दक्षिणी बंदरगाह मोंगला और पश्चिम बंगाल के निकटवर्ती सागर द्वीप समूह को पार कर गया और रात 9 बजे के आसपास पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में प्रवेश हुआ। जिनमें कोलकाता, हावड़ा, दीघा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और हल्दिया शामिल है।
बांग्लादेश में 10 लोगों की मौत, पश्चिम बंगाल में 6 लोगों ने गवाईं जान
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चक्रवाती तूफान रेमल से बांग्लादेश में कम से कम 10 लोगों की अबतक मौत हो चुकी है। इसके अलावा, 6 लोगों के मौत की पुष्टि पश्चिम बंगाल में हुईं है। राहत बचाव के अधिकारियों ने कहा कि कुछ पीड़ितों की मौत राहत आश्रयों की ओर जाते समय रास्ते में ही हो गई और अन्य की डूबने से या भारी जलभराव और तूफान के कारण उनके घर ढह जाने से मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल में बिजली की चपेट में आने से 4 लोगों की मौत हो गई है। जिससे राज्य में मरने वालों की संख्या 6 हो गई है। तूफान के कारण बिजली की लाइनें भी प्रभावित हुईं हैं। जिससे कई तटीय इलाकों में बिजली गुल हो गई।
लाखों लोगों के घर उजड़े
चक्रवात रेमल के कारण बांग्लादेश में लगभग 30 लाख लोग और पश्चिम बंगाल में हजारों लोग बिजली के बिना रह रहे हैं। मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि कम से कम 1,200 बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। जबकि लगभग 300 मिट्टी की झोपड़ियां पानी में ढह गईं हैं।
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