नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने राजभवन में एक महिला कर्मचारी द्वारा उनपर लगाए गए यौन उत्पीड़न के दावों को खारिज कर दिया। बोस ने इन आरोपों को “इंजीनियर्ड नरैटिव” करार दिया। उन्होंने कहा उस महिला का संबंध राजनीति से संबंधित है। TMC नेताओं ने राज्यपाल पर निशाना साधा है।
राज्यपाल ने रखा अपना पक्ष
सीवी आनंद बोस ने अपना पक्ष रखते हुए ‘X’ पर ट्वीट करते हुए लिखा- राजभवन के कर्मचारियों ने माननीय राज्यपाल डॉ. सी वी आनंद बोस के प्रति एकजुटता व्यक्त की। उनके खिलाफ राजनीतिक दलों के एजेंट के रूप में दो कर्मचारियों द्वारा कुछ अपमानजनक बातें फैलाई गईं। माननीय राज्यपाल ने यह बात बताई।
मैं इस तरह की इंजीनियरी की गई कहानियों से डरने वाला नहीं
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने ‘X’ पर दूसरा ट्वीट करते हुए लिखा- “सच्चाई की जीत होगी। मैं इस तरह की इंजीनियरी की गई कहानियों से डरने वाला नहीं हूं। अगर कोई मुझे बदनाम करके कुछ चुनावी फायदा लेना चाहता है तो भगवान उनका भला करे। लेकिन वे बंगाल में भ्रष्टाचार और हिंसा के खिलाफ मेरी लड़ाई को नहीं रोक सकते।”
TMC नेता ने साधा निशाना
TMC राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने आनंद बोस पर लगे आरोपो पर हमला साधा। उन्होंने ‘X’ पर ट्वीट करते हुए लिखा- बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस के खिलाफ छेड़छाड़ के आरोप ने कोलकाता में राजभवन की प्रतिष्ठा को खतरे में डाल दिया है। पीएम @नरेंद्र मोदी उनका आज कोलकाता पहुंचने और राजभवन में रात्रि विश्राम करने का कार्यक्रम है। क्या मोदी सीवी आनंद बोस से स्पष्टीकरण मांगेंगे?
संदेशखाली
संदेशखाली में महिलाओं के साथ हुए दुष्कर्म मामले में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने दौरा करके मामले का जायजा लिया था। संदेशखाली में उन्होंने पीड़ित महिलाओं से भी मुलाकात की थी और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया था। संदेशखाली में हुए घटनाक्रम की रिपोर्ट उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपी।
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