कोलकाता, 11 जून(हि. स.)। कोलकाता मेडिकल कॉलेज से कोरोना की जीवनदायिनी दवा टेसिलिजुमैब इंजेक्शन गायब होने के मामले में जांच जारी है। एक चिकित्सक को इस मामले में दोषी भी पाया गया है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की माने तो अब बहुत जल्द आरोपित डॉक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होने वाली है। उल्लेखनीय है कि कोलकाता मेडिकल कॉलेज अस्पताल से तकरीबन 25 टेसिलिजुमैब इंजेक्शन गायब हो गए थे जिनकी कीमत प्रदेश में 11 लाख रुपये थी। सिर्फ स्पेसिमेन एग्जामिनेशन फॉर्म पर उस दावा को कैसे लिखा गया और स्टोर से कैसे वह दवा दे दी गई, इसको लेकर काफी विवाद हुआ था। मामले ने जब तूल पकड़ा तो राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मामले की जांच के आदेश दिए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले में विशेष जांच कमेटी बनाई गई। घटना घटने के सप्ताहभर के भीतर ही कमेटी ने स्वास्थ्य भवन को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट ने अस्पताल के एक डॉक्टर को दोषी पाया और और अब बहुत जल्द आरोपित डॉक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होने चली है। हिन्दुस्थान समाचार/धनंजय/मधुप




