पौड़ी, 23 अप्रैल (हि.स.)। कोविड टीकाकरण टीम ने जेल अधीक्षक पर डराने, धमकाने का आरोप लगाया है। टीम के सदस्यों ने इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकाारी से शिकायत की है। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी का कहना है कि इस प्रकार की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकारी अधिकारी के ऐसे व्यवहार से कर्मचारियों के मनोबल पर बुरा पड़ता है। सीएमओ ने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी व एसएसपी से शिकायत की जाएगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोट में कोविड टीकाकरण के लिए तैनात टीम ने जिला कारागार के अधीक्षक पर अभद्रता व डराने, धमकाने का आरोप लगाया है। टीम के चिकित्सक आनंद पी खंकरियाल व डा. पीएस रावत ने बताया कि 21 अप्रैल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोट में वैक्सीनेशन के लिए जिला कारागार के अधीक्षक अशोक कुमार भी पहुंचे थे। इस दौरान यहां वैक्सीनेशन के लिए काफी भीड थी। जेल अधीक्षक ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचते ही लाइन में लगे बिना वैक्सीनेशन का दबाव बनाने लगे। वैक्सीनेशन टीम ने उनका पंजीकरण किया और कुछ देर इंतजार करने को कहा, जिस पर जेल अधीक्षक अशोक कुमार वैक्सीनेशन टीम को डराने, धमकाने लगे। टीम के सदस्यों ने बताया कि जेल अधीक्षक ने वैक्सीनेशन टीम के चिकित्सकों, कर्मचारियों व वेटिंग रूम में सहयोग कर रहे शिक्षक के साथ अभद्र भाषा में बात करते हुए अपने पद का प्रभाव दिखाकर धमकाने लगे। वैक्सीन लगवाने के बाद जेल अधीक्षक बिना किसी कारण के चिकित्सालय परिसर के आवासीय भवनों में गए और महिला चिकित्सक और कर्मचारियों के बारे में पूछने लगे। यहां भी जेल अधीक्षक ने अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ अभद्रता की और अमार्यदित भाषा का प्रयोग किया। टीम के सदस्यों ने बताया कि जेल अधीक्षक के इस कृत्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोट के अधिकारियों, कर्मचारियों के सम्मान को ठेस पहुंची है। जेल अधीक्षक की धमकी से कर्मचारी भयभीत हैं। इस संबंध में वैक्सीनेशन टीम ने कोट विकासखंड के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. अशोक कुमार तोमर के साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मनोज शर्मा से भी लिखित शिकायत की है। हिन्दुस्थान समाचार /राज




