हरिद्वार, 13 मार्च (हि.स.)। रुड़की नगर निगम के गठन के बाद हुई दूसरी बोर्ड बैठक में महापौर को पार्षदों का विरोध झेलना पड़ा। करीब एक साल बाद हुई इस बैठक में 200 प्रस्ताव रखे गए। इनमें से मात्र 3 सर्वसम्मति से पास हो सके। बाकी 197 प्रस्तावों को अगली बोर्ड बैठक तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इसपर पार्षद भड़क गए और बोर्ड बैठक को लेट करने पर कड़ी नाराजगी जताई। बड़ी बात ये रही कि भाजपा मेयर को अपने ही पार्षदों का विरोध झेलना पड़ा। नाराज पार्षद चलती बोर्ड बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। मेयर के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ देर बाद नाराज पार्षदों को दोबारा बुला लिया गया। मेयर गौरव गोयल ने बताया कि कोरोना काल के चलते बोर्ड बैठक करने में देरी हुई। भविष्य में पार्षदों की नाराजगी का ध्यान रखा जाएगा। बोर्ड गठन के बाद विकास कार्यों के लिए करीब 500 से ज्यादा टेंडर किए गये हैं। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत/मुकुंद




