हरिद्वार, 09 मई (हि.स.)। उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक ने कोरोना की वजह से 1 मई से पिरान कलियर स्थित तीनों दरगाहों को तत्काल प्रभाव से आम लोगों के लिए बंद करने का आदेश दिया था। एक नियमित समय में वहां के कर्मचारियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सफाई के निर्देश दिए गए थे। लेकिन वायरल होते वीडियो में इस आदेश का पालन होता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है। वायरल वीडियो में लोग बिना मास्क के दरगाह शरीफ में खिदमत करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो 4 मई का बताया जा रहा है, जिसमें दरगाह प्रबंधक मौ. हारून अपने कुछ साथियों के साथ दरगाह शरीफ में खिदमत करते नजर आ रहे हैं। वीडियो इस आदेश पर सवाल उठाता है कि जब दरगाह में आम लोगों का प्रवेश बंद था, तो प्रबंधक ने किसकी जिम्मेदारी पर लोगों को न केवल दरगाह में बुलाया, बल्कि कोरोना प्रोटोकॉल की अनदेखी भी की। लोगों ने दरगाह प्रबंधक पर आरोप लगाते हुए कहा है कि 4 मई को लंगर की व्यवस्थाओं का जायजा लेने की आड़ में वो अपने कुछ चहेतों को दरगाह में हाजरी कराने के मकसद से पहुंचे थे, जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है। लोगों का आरोप है कि दरगाह में हाजिरी कराने के नाम पर मोटी फीस भी वसूली जाती है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, नमामि बंसल ने कहा है कि उनके संज्ञान में यह वीडियो आया है, जिसकी जांच की जाएगी कि यह किस समय का है। यदि लोगों को दरगाह की तरफ से किसी तरह के नियमों के खिलाफ जाकर प्रवेश दिया गया है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत




