back to top
27.1 C
New Delhi
Thursday, March 12, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Political Kissa: जब ND तिवारी ने दिखाई गांधी परिवार के प्रति अपनी निष्ठा, जब्त करा दी थी कांग्रेस की जमानत

Lok Sabha Election 2024: यह किस्सा उस समय का है जब तिवारी ने कांग्रेस पार्टी को दो सीटों पर नाकों चने चबवा दिये थे। यही नहीं, नैनीताल सीट पर तो कांग्रेस प्रत्याशी की जमानत भी जब्त हो गयी थी।

नैनीताल, (हि.स.)। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री पं. नारायण दत्त तिवारी की पहचान अपने दौर के दिग्गज कांग्रेस नेता के रूप में होती है, हालांकि यह भी सच है कि उनकी राजनीति में शुरुआत लाल टोपी वाली प्रजा सोशलिस्ट पार्टी से हुई थी और उनके जीवन के अंतिम दिनों में उनके अपने पुत्र रोहित के लिये भाजपा का टिकट चाहने की भी चर्चा थी। अलबत्ता यहां हम उस राजनीतिक अतीत की चर्चा कर रहे हैं, जब तिवारी ने कांग्रेस पार्टी को दो सीटों पर नाकों चने चबवा दिये थे। यही नहीं, नैनीताल सीट पर तो कांग्रेस प्रत्याशी की जमानत भी जब्त हो गयी थी।

तिवारी ने गांधी परिवार के प्रति अपनी निष्ठा दिखाने के लिये उठाया यह कदम

यह देश-प्रदेश की राजनीतिक का कम चर्चा में रहा अध्याय है कि 1963 में कांग्रेस में शामिल होने के बाद कांग्रेस की सरकारों में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बनने के साथ केंद्र में कई बार मंत्री रहे पं. तिवारी ने 1994 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मध्य प्रदेश से आने वाले अर्जुन सिंह के साथ मिलकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (तिवारी) नाम से पार्टी बनाई। इसी पार्टी के ‘फूल चढ़ाती महिला’ के चुनाव चिन्ह पर उन्होंने 1996 के आम चुनाव में लोकसभा का चुनाव लड़ा। इस चुनाव में तिवारी-कांग्रेस के तीन उम्मीदवार तिवारी स्वयं नैनीताल से, मौजूदा काबीना मंत्री सतपाल महाराज गढ़वाल सीट से और शीशराम ओला राजस्थान से विजयी रहे थे। हालांकि बताया जाता है कि तिवारी ने अपनी पार्टी बनाने का यह निर्णय सोनिया गांधी और गांधी परिवार के प्रति अपनी निष्ठा दिखाने के लिये ही उठाया था। क्योंकि तब गांधी परिवार के इतर सीताराम केसरी कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष बने थे। इस तथ्य की पुष्टि इस बात से भी होती है कि चुनाव के बाद सोनिया गांधी के हस्तक्षेप के बाद तिवारी ने अपनी पार्टी का कांग्रेस पार्टी में ही विलय करा दिया था।

कांग्रेस पार्टी को प्रचार के लिए कार्यकर्ता मिलना भी हो गया था मुश्किल

इस चुनाव में नैनीताल सीट पर तिवारी के विरुद्ध कांग्रेस से हरीश रावत के करीबी प्रयाग दत्त भट्ट को टिकट मिला था। इस चुनाव के दौरान अधिकांश कांग्रेसियों के तिवारी के साथ चले जाने से पार्टी को प्रचार के लिए कार्यकर्ता मिलना भी मुश्किल हो गया था और परिणामस्वरूप एनडी तिवारी ने तीन लाख से अधिक वोट प्राप्त कर जीत दर्ज की। दूसरे स्थान पर रहे भाजपा उम्मीदवार को 1.51 लाख से अधिक मत मिले। जबकि पांचवें स्थान पर रहे कांग्रेस उम्मीदवार भट्ट को मात्र 15,612 मत मिले और उनकी जमानत तक जब्त हो गई थी।

अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in

Advertisementspot_img

Also Read:

असम चुनाव के लिए कांग्रेस ने 30 सीटों पर तय किए उम्मीदवार, गौरव गोगोई जोरहाट से लड़ सकते हैं चुनाव

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। असम विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक...
spot_img

Latest Stories

LPG Crisis: भारत में कब-कब आया LPG गैस संकट? जानिए 2026 से पहले कब-कब लोगों को हुई गैस की किल्लत

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते...

Chaitra Navratri 2026: घटस्थापना मुहूर्त, पूजा विधि और नौ दिन की त्योहार की पूरी जानकारी

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हिंदू धर्म का सबसे पवित्र और...

भारत में क्या है इच्छा मृत्यु की प्रक्रिया? विदेशों से कितनी अलग है पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बुधवार 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट...

बॉक्स ऑफिस पर The Kerala Story 2 का रहा अच्छा प्रदर्शन, जानिए कलेक्शन रिपोर्ट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। 'द केरल स्टोरी 2: गोज...

कीर्ति आजाद के बेतुके बयान पर भड़के भारतीय क्रिकेट के बड़े दिग्गज, हरभजन ने भी जमकर लताड़ लगाई

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। न्यूजीलैंड को परास्त करके टी20 विश्व...

Gas Supply Crisis: कहीं गैस बुकिंग ठप तो कहीं लंबी लाइनें, कई शहरों में LPG को लेकर बढ़ी परेशानी

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मध्य पूर्व में जारी तनाव...