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आस्था के महाकुंभ वैशाखी शाही स्नान पर लाखों ने लगायी गंगा में डुबकी

हरिद्वार, 14 अप्रैल (हि.स.)। आस्था के महापर्व कुंभ के तीसरे मुख्य शाही स्नान मेष संक्रांति पर श्रद्धालुओं का सैलाब स्नान के लिए गंगा के तटों पर उमड़ा। बुधवार को वैशाखी के स्नान पर्व पर आधी रात के बाद ही कोरोना से बेखौफ श्रद्धालु हरकी पैडी सहित अन्य घाटों पर पहुंचकर मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाना शुरू हो गए थे। देर रात से ही ज्योतिष गणना के मुताबिक कुंभ का योग आरम्भ हो गया था जो आगामी 14 मई तक रहेगा। कुंभ के अमृत तत्व को प्राप्त करने के लिए अखाड़ों के स्नान का क्रम आज प्रातः 10 बजे से प्रारंभ हुआ। सुबह 8 बजे के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए हरकी पैड़ी पर स्नान बंद कर दिया गया था। मुख्य शाही स्नान पर इस बार भी श्री पंचायती निरंजनी व आनंद अखाड़े ने सबसे पहले स्नान किया। उ सके बाद श्रीं पंचायती अखाड़ा जूना ने अपने सहयागेी अग्नि व आह्वान व किन्नर अखाड़े के साथ स्नान किया। पांच संन्यायी अखाड़ों केे स्नान के बाद तीसरे नम्बर पर महानिर्वाणी तथा अटल अखाड़े के संतों ने स्नान किया। संन्यासियों के अखाड़ों के स्नान की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद तीनों बैरागी अखाड़े निर्मोही, दिगंबर तथा निर्वाणी के संतों ने हरकी पैड़ी पहुंचकर मां गंगा में आस्था की डुबकी लगायी। इसके बाद श्री पंचायती बड़ा उदासीन, नया उदासीन तथा अंत में निर्मल अखाड़े के साधु संत गंगा में डुबकी लगायी। मेष संक्रांति महापर्व कुंभ के प्रमुख शाही स्नान पर्व पर भरणी नक्षत्र में सूर्य देवता ने मेष राशि में प्रवेश किया। कुंभ पर्व की मान्यता के अनुसार सूर्य के मेष राशि में आते ही अमृत योग का प्रारंभ हो जाता है। वैशाखी के कुंभ के प्रमुख शाही स्नान के लिए मेला प्रशासन पूरी तरह चौकस रहा। मेलाधिकारी दीपक रावत तथा मेला एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने सुबह-सुबह हरकी पैड़ी पहुंचकर मां गंगा व अन्य देवी देवताओं की पूजा कर कुंभ के निर्विघ्न संपन्न होने के साथ सभी श्रद्धालुओं के लिए मंगल कामना की। मेला प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने सर्वप्रथम स्नान के लिए पहुंचे निरंजनी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि, अखाड़े के सचिव महंत रवींद्र पुरी व आनंद पीठाधीश्वर स्वामी बालकानंद गिरी का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इसी क्रम में जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी, जूना अखाड़ा के संरक्षक महंत हरिगिरि व सभापति प्रेमगिरि तथा महानिर्वाणी अखाड़ा के अचार्य स्वामी विशोकानंद भारती व आनंद पीठाधीश्वर स्वामी विश्वात्माननंद का फूल मालाओं से स्वागत किया। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने भी किया गंगा स्नान उत्तराखण्ड की राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने बैशाखी पर हरकी पैड़ी पहुंचकर गंगा में स्नान किया। 13 अप्रैल की रात को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने भी गंगा में डुबकी लगायी।उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, मेला डीआईजी संजय गुंज्याल हरकी पैड़ी क्षेत्र में स्वयं उपस्थित रहकर सारी परिस्थितियों पर नजर रखे रहे। सुदूर स्थित धीर वाली बस स्टेशन से श्रद्धालुओं को हरिद्वार लाने के लिए निशुल्क शटल बस सेवा चलाई गयी। बिना कोविड़ रिपोर्ट के किसी को भी बार्डर से अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। सभी 13 अखाड़ों का स्नान सम्पन्न होने के बाद हरकी पैड़ी आम श्रद्धालुओं के स्नान के लिए खोल दी गयी। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत/सुनीत

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