नैनीताल, 10 मार्च (हि.स.)। हाईकोर्ट ने हल्द्वानी में रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण किए जाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद रेलवे को अतिक्रमणकारियों के प्रत्यावेदनों को निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हल्द्वानी निवासी रवि शंकर जोशी ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि कोर्ट ने बीते वर्ष डीआरएम को निर्देश दिए थे कि गफूर बस्ती में अतिक्रमण के मामले पर जल्द से जल्द सुनवाई कर मामलों का निस्तारण करें।अभी तक डीआरएम व स्टेट ऑफिसर द्वारा एक भी प्रकरण का निस्तारण नहीं किया गया है। याचिकाकर्ता का कहना था कि हाईकोर्ट ने पूर्व में रेलवे की भूमि को खाली कराने के आदेश दिए थे जिसमें हल्द्वानी की गफूर बस्ती बसी हुई है। हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कुछ समय तक इसमें रोक लगा दी थी लेकिन हाईकोर्ट ने प्रभावितों को निर्देश दिए थे कि जो प्रभावित हैं वे अपनी शिकायत डीआरएम इज्जतनगर में कर सकते हैं। डीआरएम को आदेश दिए गए थे कि उनकी शिकायतों को निर्धारित समय के भीतर निस्तारित करें। इसके बाद 4365 लोगों द्वारा अपनी शिकायतें डीआरएम को की गईं लेकिन इन पर अभी तक कोई सुनवाई नहीं की गई और न ही कोई निर्णय लिया गया है। सुनवाई के दौरान रेलवे विभाग की ओर से प्रत्यवेदनों को निस्तारित करने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की गई। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने प्रत्यावेदनों को निस्तारित करने के आदेश दिए। हिन्दुस्थान समाचार/ लता नेगी/मुकुंद




