उत्तरकाशी, 28 मार्च (हि.स.)। उत्तरकाशी के ब्लॉक भटवाड़ी में इन दिनों बुजुर्ग महिलाओं को भी अक्षर ज्ञान सीखने की ललक लगी है। जीवन के 60 से ज्यादा बसंत देख चुकीं ये बुजुर्ग महिलाएं आखर ज्ञान सीख रही हैं। उत्तरकाशी जिले के विकासखंड भटवाड़ी के रैथल लोन्थरु और सिरोर गांवों में इनदिनों हर रोज एक अनोखी चौपाल लगा रही हैं। यहां बुजुर्ग महिलाएं घर का दिनभर का काम-काज निपटाकर शाम होते ही गांव की सखी-सहेलियों को लेकर शिक्षा की चौपाल पर पहुंचकर अक्षर ज्ञान सीख रही हैं। इस क्लास में दादी से लेकर, बुआ, मामी और नानी तक साक्षर हो रही हैं। कई अपना नाम लिखना और अक्षर पढ़ना सीख भी गई हैं। इन बुजुर्ग महिलाओं का कहना है कि उन्हें इस उम्र में शिक्षा लेने में कोई हिचक नहीं है। पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उन्हें सही समय पर शिक्षा हासिल नहीं हुई थी। ऐसे में इस उम्र में ही सही, सभी महिलाएं जोश और जुनून के साथ पढ़ाई कर रही हैं। दरअसल, बुजुर्ग महिलाओं को शिक्षित करने की ये पहल जिला प्रशासन ने की है। भटवाड़ी विकासखंड में 3,115 निरक्षर हैं, जिनके लिए मॉडल साक्षर विकासखंड योजना शुरू की गई है। गांव की बुजुर्ग विजरा देवी का कहना है कि ‘चौपाल के माध्यम से शिक्षित होने एक सुखद अनुभव है, किसी के यहां कोई महिला बगैर शिक्षा के नहीं रहेगी। गांव की महिला अनपढ़ नहीं रहनी चाहिए। ग्रामीण सोना देवी ने बताया कि पढ़ना सीखना उनकी भलाई के लिए ही है। अभी वो नाम लिखना सीख गई हैं, अभी तक तो अंगूठा लगाती थीं। उल्लेखनीय है कि 2020 के सर्वेक्षण के अनुसार उत्तराखंड 87.6 प्रतिशत के साथ देश में तीसरे स्थान पर है। हिन्दुस्थान समाचार / सेमवाल




