टनकपुर (चंपावत), 30 मार्च (हि.स.)। उत्तर भारत का प्रसिद्ध माता श्री पूर्णागिरि के मेले का मंगलवार को आगाज हो गया। प्रदेश के विधायी एवं संसदीय कार्य मंत्री बंशीधर भगत ने दोपहर बाद प्रवेश द्वार ठुलीगाड़ में पूजा-अर्चना कर मेले का शुभारंभ किया। उनके साथ चंपावत के विधायक कैलाश गहतौड़ी भी थे। यहां पूजा-अर्चना के बाद भगत और गहतौड़ी मां के दर्शन के लिए मां के धाम के लिए रवाना हो गए। मां पूर्णागिरि धाम में हर साल होली के अगले दिन से तीन माह का ऐतिहासिक मेला लगता है। इस बार कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने मेला अवधि 30 दिन तय की है। मेले का समापन 30 अप्रैल को होगा। मेला अधिकारी जिला पंचायत के एएमए राजेश कुमार और मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि ककरालीगेट से मुख्य मंदिर तक पथ प्रकाश, अस्थायी शौचालय, यात्रि विश्राम शेड आदि की व्यवस्था की गई है। मेला मजिस्ट्रेट ने कहा है कि मेले में कोरोना से बचाव के लिए श्रद्धालुओं को सरकार की गाइड लाइन का पालन करना होगा। कई जगह श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग से जांच की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा नोडल अधिकारी सीओ अविनाश वर्मा ने बताया कि कुंभ मेले के कारण फिलहाल जिले का ही फोर्स मेले की सुरक्षा व्यवस्था संभालेगा। कुंभ मेला ड्यूटी में गया फोर्स वापस मंगाया गया है। राजीव मुरारी/हिन्दुस्थान समाचार/मुकुंद




