नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । उत्तराखंड के उत्तरकाशी के धराली में मची तबाही के बाद अब लाशों और अपनों की खोजबीन जारी है। प्रशासन लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है। इस बचाव कार्य में 5 टीमें युद्ध स्तर पर जुटी हैं। भरतीय सेना के जवान मौके पर हर मोर्चे पर डटे हैं। हादसे में अबतक 5 लोग मारे जा चुके है, जबकि 11 जवान समेत 70 लोग लापता हैं। अभी तक 190 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया है।
लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण कई रास्ते बंद हो चुके है, ऐसे में राहत कार्य के लिए हेलिकॉप्टर ही एक मात्र सहारा था। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद हेलिकॉप्टर से ही घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा था। हालांकि, अब कहा जा रहा है कि भटवारी में बह गया राजमार्ग अब खुल गया है, जिससे अब सड़क मार्ग से धराली जाना संभव हो सकेगा। प्रशासन और सेना को भटवारी में पहली दरार को ठीक करने में बड़ी सफलता मिली है।
राहत-बचाव कार्य का आज दूसरा दिन
इस कुदरती कहर के बाद पूरा गांव तबाह हो गया था। बाढ़ और मलबे में दबने से कई के जिवनी की तलाशी जारी है। धराली और हर्षिल में राहत-बचाव कार्य दूसरे दिन भी जारी है। सड़क मार्ग खुलने से धराली और हर्शिल पहुंचना अब मुमकिन हो जाएगा।
बता दें कि, भटवारी में राजमार्ग बह गया था। BRO & GREF की टीमें रास्ते को और बेहतर बनाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही हैं। दो जगहों पर पहाड़ को काटकर रास्ता बनाया जा रहा था, हालांकि सीमित संसाधनों के चलते इस काम में देरी हुई। राहत की बात ये है कि मौसम अभी साफ बना हुआ है। अब उम्मीद जागी है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आएगी।
संचार और बिजली अभी भी बड़ी चुनौती
बता दें कि, हादसे के बाद बचाव कार्य में कई परेशानी आई। जब तक ये रास्ता नहीं खुलता, तब तक गंगवानी में बह गए पुल को रिस्टोर नहीं किया जा सकता था, इसलिए सारा दारोमदार हवाई सेवाओं पर ही टिका रहा। छोटे-छोटे हेलीकॉप्टर के ज़रिए राहत बचाव कर्मियों को भेजा जा रहा था। लेकिन संसाधन सीमित होने के चलते रेस्क्यू मिशन धीमी गति से चल रहा था, वहीं, संचार और बिजली अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
सेना की 7 टीम तैनात, हेलिकॉप्टरों के जरिये पहुंचाया राहत सामग्री
जहां चंद घंटों पहले बड़े-बड़े होटलें, बाज़ार थे, दुकानें थी, कुदरत के कहर ने चंद सेकंड में सबकुछ तबाह कर दिया। अब वहां टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। भारतीय सेना की 7 टीमें लगातार मोर्चे पर डटी हैं। राहत की खबर ये है कि हर्षिल का मिलिट्री हेलीपैड पूरी तरह चालू कर दिया गया है। 3 सिविल हेलिकॉप्टरों के जरिये राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
3 जगह रेस्क्यू, बारिश और लैंडस्लाइड बड़ी दिक्कत
आपको बता दें कि, उत्तराकाशी ज़िले में 3 जगह एक भयावह सैलाब आया था, इसमे शामिल धराली, हर्षिल और सुखी टॉप है। अब इन 3 जगहों पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बीतें दिनों से वहां पर लगातार भारी बारिश और लैंडस्लाइड से रेस्क्यू में दिक्कतें आ रही हैं। सैलाब में अभी भी भारतीय सेना के 11 जवान लापता हैं, उनकी तलाश जारी है।
मिली जानकारी के अनुसार, कहा जा रहा है कि इस घटना के बाद केरल के 28 टूरिस्ट् का ग्रुप भी लापता है। हालांकि, हादसे के बाद से ही राहत बचाव का काम युद्ध स्तर पर जारी है। पीड़ितों तक मदद पहुंचाने और जिंदगी की तलाश में रेस्क्यू टीमें जी जान से जुटी हैं।





