पूर्व में 35 करोड़ दिया गया था, उपलब्धता बनाए रखने के लिए दिया गया धन मीरजापुर, 21 मार्च (हि.स.)। प्रदेश सरकार से विंध्य कॉरिडोर के तहत गलियों के चौड़ीकरण के लिए 27 करोड़ रुपये मिलेगा। यह धनराशि मां विंध्यवासिनी के मंदिर की तरफ आने वाली चारों गलियों के चौड़ीकरण पर खर्च की जाएगी। प्रदेश सरकार इससे पहले गलियों के चौड़ीकरण के लिए 35 करोड़ रुपये जारी कर चुका है। इस धनराशि से गलियों के चौड़ीकरण के लिए भूमि खरीदा जा रहा है। शासन का मकसद है कि किसी भी दशा में विंध्य कारिडोर के निर्माण के लिए धन की कमी न होने पाए। यहीं वजह है कि दूसरी किश्त भी जारी कर दिया। विंध्य कॉरिडोर के तहत विंध्यवासिनी मंदिर के चारों तरफ 50 मीटर चौड़ा परिक्रमा पथ का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने कैबिनेट की बैठक में 350 करोड़ का बजट स्वीकृत कर चुकी है। इसके अलावा मंदिर की तरफ आने वाली चारों सड़कों न्यू वीआईपी, पुरानी वीआईपी, कोतवाली रोड और गंगा घाट की गली का चौड़ीकरण कराया जाना है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन इन सड़कों और गलियों में स्थित 206 सम्पत्तियों को खरीद रहा है। अब तक 160 सम्पत्ति की रजिस्ट्री करायी जा चुकी है। अभी 46 सम्पत्तियों की रजिस्ट्री कराया जाना शेष है। जिला प्रशासन चाहता है कि इन सम्पत्ति की भी जल्द से जल्द रजिस्ट्री कराके गलियों के चौड़ीकरण के कार्य को भी परिक्रमा पथ के साथ ही शुरू कराया जा सके। इसी को ध्यान में रखकर डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने पंद्रह दिनों पूर्व शासन से गलियों के चौड़ीकरण के लिए 35 करोड़ रुपये मांगा था। शासन ने यह धनराशि तत्काल भेज दिया। इसके बावजूद अभी तक पूरी सम्पत्ति की रजिस्ट्री न हो पाने के कारण प्रशासन ने 27 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था। शासन ने इसे स्वीकृत करने के साथ ही शीघ्र ही धन जारी करने का आश्वासन दिया है। प्रशासन का मानना है कि मंगलवार तक यह धनराशि विंध्य कॉरिडोर के खाते में भेज दी जाएगी। हिन्दुस्थान समाचार/ गिरजा शंकर/दीपक




