आरोपित को निलम्बित कर शुरू की गई जांच मीरजापुर, 05 मार्च (हि.स.)। नगर के फतहा स्थित प्रधान डाकघर के पोस्टमैन के स्पीडपोस्ट की डिलवरी न करने के आरोप में डाक अधीक्षक ने निलम्बित कर मामले की जांच का आदेश दिया हैं। बबुआ पोखरा निवासी धर्मेंद्र कुमार ने डाक अधीक्षक आशीष कुमार श्रीवास्तव को सौंपे गए पत्र में आरोप लगाया है कि उनके साले ने दिल्ली से अपने भांजे के लिए एक कंपनी का लगभग 15 हजार रुपये मूल्य का जूता स्पीडपोस्ट के माध्यम से फरवरी में भेजा। प्रधान डाकघर के बीट नम्बर छह के पोस्टमैन मनोज कुमार गौतम को डिलवरी देनी थी। इस बाबत वे सम्बंधित पोस्टमैन से लगातार संपर्क करते रहे। पोस्टमैन प्रतिदिन टाल-मटोल करता रहा। डिलवरी की तय समय सीमा बीत जाने के बाद उन्होंने इंडिया पोस्ट कॉम पर चेक किया तो ऑनलाइन पता चला कि उनका आर्टिकल डिलीवर किया जा चुका है। इसमें चौंकाने वाली बात यह रही कि पोस्टमैन ने स्वयं रिसीव किया था। शिकायती पत्र मिलते ही डाक अधीक्षक ने जांच का आदेश देते हुए आरोपित पोस्टमैन मनोज कुमार को प्रथमदृष्टया निलम्बित कर दिया। डाक अधीक्षक आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपों की तह तक पहुंचने के लिए जांच कराया जा रहा है। जांच में मामला सही पाए जाने पर आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कहा कि इस तरह का गोलमाल किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/गिरजा शंकर/विद्या कान्त




