मीरजापुर, 28 जून (हि.स.)। वाराणसी से हनुमना सीमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रही फोरलेन सड़क के सीसी रोड निर्माण में भी बड़े पैमाने पर गुणवत्ता की धज्जियां उड़ाई गई हैं। जगह-जगह क्षतिग्रस्त सीसी रोड को पुनर्निर्माण के लिए ड्रिल मशीन से तोड़ा जा रहा है। इसका सबूत है, लहंगपुर से भैसौड़ बलाय पहाड़ तक फोरलेन के सीसी रोड में आई दरार। अनियमितता छिपाने के लिए निर्माण कम्पनी ने रसायन का लेप भी किया लेकिन घोटाले की दरारों को भ्रष्टाचार का लेप भी छिपाने में नाकाम साबित हो रहा है। लगभग 40 किलोमीटर के इस हिस्से में एक दर्जन से अधिक दरारें हैं। उल्लेखनीय है कि पूर्व में लगभग दस वर्षो तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने गड्ढों से मुक्ति दिलाने के लिए केन्द्र की भाजपा सरकार ने वाराणसी से लेकर हनुमना बार्डर तक फोरलेन सड़क का निर्माण कराने के लिए 2347 करोड़ का भारी भरकम बजट स्थानीय सांसद अनुप्रिया पटेल के प्रयास से स्वीकृत की थी। लगभग 125 किमी लम्बी सड़क पर सीसी रोड का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इसके अलावा कई नहरों और नदियों पर ओवरब्रिज पुलों व बाईपास रोड का निर्माण भी हो रहा है। लालगंज से बरौंधा के मध्य चेरुईराम व बस्तरा पांडेय गांव के पास फोरलेन रोड पर दरार पड़ने से क्षतिग्रस्त सीसी रोड को दुबारा बनाने के लिए ड्रिल मशीन से तोड़ा जा रहा है। लेकिन चकत्ती देकर बनने वाली सीसी रोड कितना टिकाऊ होगी, यह भविष्य के गर्भ में है। बस्तरा पांडेय गांव के वकील पांडेय का कहना है कि सीसी रोड निर्माणाधीन के शैशवावस्था में ही जब सीसी रोड दरार पड़ने से बैठ जा रही है तो आगे चल कर कितना टिकाऊ होगी। उधर बरौंधा बेलन नदी पर क्षतिग्रस्त पुल के प्लेटों को ड्रिल मशीन से तोड़ने के बाद अब नीचे लगाई गई सरिया के जाल को काट कर हटाया जा रहा है। सीनियर कंस्ट्रक्शन मैनेजर डीबीएल बृजेश कुमार ने बताया कि फोरलेन सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं है। कंस्ट्रक्शन में दस फीसदी की गुंजाइश बनी रहती है। रोड अभी हैंडओवर नहीं की गई है। कही भी गड़बड़ी मिलती है तो उसका त्वरित मरम्मत कराया जा रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/गिरजा शंकर/विद्या कान्त




