बांदा, 28 मई (हि.स.)। भारत सरकार द्वारा मेडिकल क्षेत्र में स्किल्ड लोगों की कमी को पूरा करने के लिए छह क्षेत्रों में स्पेशल ट्रेनिंग प्रोग्राम प्रारम्भ किया जा रहा है। जिसमें एक माह की क्लास रूम ट्रेनिंग तथा दो माह की ट्रेनिंग प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा जिला अस्पताल में करायी जायेगी। यह जानकारी आज व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग उ.प्र. शासन के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने आनलाइन जूम मीटिंग के दौरान दी। इस बैठक विभाग के निदेशक कुणाल सिल्कू, चित्रकूटधाम मण्डल के संयुक्त निदेशक एम.के. कुलश्रेष्ठ समस्त प्रधानाचार्य रा.आई.टी.आई. एमआईएस मैनेजर कौशल विकास मिशन एवं निजी प्रशिक्षण संस्थानों के प्रबंधक/ प्रधानाचार्य सम्मलित हुए। इस बैठक में मुख्य रूप से कोरोना संकट के कारण बाधित हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम, आन जाॅब ट्रेनिंग, शिशिक्षु प्रशिक्षण के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा की गयी। ज्ञातव्य हो कि, कोरोना का सर्वाधिक प्रभाव प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण पर पड़ा है। आनलाइन मोड में प्रशिक्षण दिया जा रहा किन्तु उसमें लगभग 50-60 प्रतिशत प्रशिक्षार्थी की जुड़ पाते है। इसका मुख्य कारण ग्रामीण क्षेत्र में नेटवर्क की उचित उपलब्धता व सभी के पास स्मार्टफोन का न होना है। कोरोना काल के समाप्ति के उपरान्त, प्रशिक्षार्थियों को प्रयोगात्मक कार्य आई.टी.आई. की कार्यशाला में कराया जायेगा। मंत्री ने आनलाइन प्रशिक्षण सत्र को समग्र रुचिकर बनाने पर विशेष बल दिया, जिससे छात्रों का समय की मांग के अनुसार विकास हो सके और वे उत्साह के साथ प्रशिक्षण में प्रतिभाग भी करें। साथ ही अनुदेशकों चाहिए कि वे लगातार छात्रों के सम्पर्क में रहे तथा उनका मार्गदर्शन करते रहें। इस अवसर पर चित्रकूटधाम मण्डल के संयुक्त निदेशक एम.के. कुलश्रेष्ठ ने आगामी सत्र में प्रवेश के लिए प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया। वहीं केसीएनआईटी आईटीआई के प्रधानाचार्य ने लेसन प्लान एवं डेमोंसट्रेशन प्लान के साथ प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाए जाने पर विशेष जोर दिया। मंत्री ने समस्त प्रधानाचार्या/संयुक्त निदेशकों से कहा कि उद्योगों से लगातार सम्पर्क बनाये रखकर रोजगार के नये अवसरों की तलाश करनी चाहिए। निदेशक कुणाल सिंह ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया एवं प्रशिक्षण को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रोत्साहित किया। हिन्दुस्थान समाचार/अनिल




