नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दो पासपोर्ट मामले में दोषी करार देते हुए अधिकतम सात साल की सज़ा सुनाई है। कोर्ट ने उन पर ₹50,000 का जुर्माना भी लगाया है।कोर्ट ने दोनों पक्षों के साक्ष्य और बहस सुनने के बाद अब्दुल्ला आजम को आरोप सिद्ध होने पर यह दंड निर्धारित किया। कोर्ट के इस बड़े फैसले के बाद से सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि अब्दुल्ला आजम पहले ही अन्य मामलों में जेल में बंद हैं।
क्या था दो पासपोर्ट का मामला?
यह मामला साल 2019 का है, जिसकी शिकायत स्थानीय बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई थी।बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना का आरोप था कि अब्दुल्ला आजम ने अलग-अलग जन्मतिथि का उपयोग करके दो पासपोर्ट बनवाए हैं।आरोप था कि अब्दुल्ला आजम ने कूट रचित दस्तावेजों और विवरणों के आधार पर दो पासपोर्ट बनवाए और इनका इस्तेमाल कर रहे थे।सक्सेना ने कहा था कि असत्य दस्तावेजों का इस्तेमाल वोटिंग, बैंकिंग और अन्य संवेदनशील कामों में किया जा सकता है, जो समाज और देश के लिए खतरनाक हो सकता है।
पहले से ही जेल में बंद हैं अब्दुल्ला आजम
यह ध्यान देने योग्य है कि सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम पहले से ही पैन कार्ड मामले में रामपुर की जेल में बंद हैं। अब दो पासपोर्ट मामले में सात साल की सज़ा सुनाए जाने से उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
हाल ही में, आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा, उनकी बहन और बड़ा बेटा अदीब उनसे जेल में मिलने पहुंचे थे, लेकिन आजम खान और बेटे अब्दुल्ला आजम ने एक-दूसरे से मुलाकात करने से इनकार कर दिया था।कोर्ट परिसर में फैसले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही।
बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना (जो अब मंत्री हैं) अब्दुल्ला आजम और उनके पिता आजम खान के खिलाफ कई कानूनी लड़ाइयों में प्रमुख शिकायतकर्ता रहे हैं। दो पासपोर्ट मामले में 7 साल की सज़ा सुनाए जाने के अलावा, अब्दुल्ला आजम अन्य गंभीर मामलों में भी घिरे हुए हैं।
1. जाली जन्म प्रमाण पत्र मामला (Birth Certificate Forgery Case)
यह मामला सबसे अधिक चर्चित रहा है, जिसके कारण अब्दुल्ला आजम की विधानसभा सदस्यता रद्द हुई थी।आकाश सक्सेना ने आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए अपनी आयु गलत दिखाने के लिए दो अलग-अलग जाली जन्म प्रमाण पत्र बनवाए थे।
इस मामले में आजम खान, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और अब्दुल्ला आजम को दोषी करार दिया गया था। इसी मामले में सज़ा सुनाए जाने के बाद अब्दुल्ला आजम को 2023 में विधानसभा सदस्यता से अयोग्य घोषित किया गया था।इस मामले में उन्हें दो साल की सज़ा सुनाई गई थी।
2. जाली पैन कार्ड और आधार कार्ड मामला (Fake PAN and Aadhaar Case)
इस मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम दोनों जेल में बंद हैं।इस मामले में भी आरोप लगाया गया था कि अब्दुल्ला आजम ने जाली दस्तावेजों का उपयोग करके फर्जी पैन कार्ड और आधार कार्ड बनवाए थे।इस मामले में भी उन्हें कोर्ट द्वारा दोषी ठहराया गया है और वह वर्तमान में जेल में ही बंद हैं।
3. पैन कार्ड के लिए शपथ पत्र (Affidavit for PAN Card)
यह मामला जाली पैन कार्ड से जुड़ा हुआ है, जहाँ अब्दुल्ला आजम पर पैन कार्ड प्राप्त करने के लिए झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत करने का आरोप था।ये मामले दर्शाते हैं कि आकाश सक्सेना ने अब्दुल्ला आजम और उनके परिवार के खिलाफ कई गंभीर दस्तावेज जालसाजी (Document Forgery) और धोखाधड़ी के मामले दर्ज कराए हैं, जिनके कारण आजम परिवार को लगातार कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।




