लखनऊ, 21 मई (हि.स.)। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव महेश कुमार गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालयों की चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए ऑडियो व वीडियो रिकॉर्डिंग होगी। वहीं, शैक्षणिक नियुक्ति में कम्प्यूटर ज्ञान का होना अनिवार्य होगा। शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में विभिन्न शैक्षणिक पदों पर सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति में एकरूपता एवं पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से मेरिट के साथ-साथ लिखित परीक्षा के बाद प्राप्त अंकों के आधार पर साक्षात्कार लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि साक्षात्कार में पारदर्शिता लाने के लिये कुलाधिपति की अध्यक्षता में हुई चर्चा के बाद कुलपतियों की एक समिति का गठन किया गया था। जिसमें सामान्य विश्वविद्यालय, कृषि विश्वविद्यालय, प्राविधिक विश्वविद्यालय और चिकित्सा विश्वविद्यालय के पांच कुलपति शामिल किये गए थे। जिनकी रिपोर्ट पर सभी विश्वविद्यालयों में एक समान चयन प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सहायक आचार्य पद पर चयन के लिए कुल 100 अंक निर्धारित किये गए हैं। स्नातक, स्नातकोत्तर, एम फिल या समतुल्य डिग्री पर 20 अंक, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ए आई स्कोर के लिये 30 अंक, विषय की जानकारी के लिए लिखित परीक्षा 20 अंक व शिक्षण कौशल की जानकारी के लिए 20 अंक निर्धारित किये गए हैं। उन्होंने कहा कि कौशल लिखित परीक्षा ऑब्जेक्टिव आधार पर होगी। जिसमें कम्प्यूटर ज्ञान की परीक्षा प्रमुखता से ली जायेगी। अब विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन शिक्षण पर जोर दिया जा रहा है। अतः इसी आधार पर बनी मेरिट लिस्ट के अनुसार टीचिंग स्किल परीक्षा ली जायेगी। तदुपरान्त साक्षात्कार के आधार पर अंतिम रूप से अभ्यर्थियों का चयन किया जायगा। उन्होंने बताया कि कुलपति रिकॉर्डिंग कम से कम तीन महीने तक सुरक्षित रख सकेंगे। हिन्दुस्थान समाचार/शरद/विद्या कान्त




