लखनऊ, 09 मई (हि.स.)। हाईकोर्ट मार्ग पर स्थित एक निजी अस्पताल ने कृष्णा नगर निवासी मानवेंद्र को तीन दिनों का बिल थमाते हुए 116800 रुपये की मांग की। जबकि अस्पताल में भर्ती मानवेंद्र की मां की उपचार के दौरान मौत हो गई। कोविड को लेकर बनाई गई गाइडलाइन में प्रति मरीज 8000 प्रतिदिन लेने का निर्देश हुआ है, इसके बावजूद निजी अस्पताल मनमाना बिल वसूल रहे हैं। पीड़ित मानवेंद्र ने बताया कि दवा और पैथोलॉजी चार्ज मिलाकर लगभग एक लाख रुपये से ऊपर का बिल मांगा गया। दो दिन पहले सांस लेने में तकलीफ होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।लगभग 50 हजार की दवा और इतने ही मूल्य के पैथोलॉजी चार्ज को वसूला गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से उनकी प्रार्थना है कि इस प्रकार के प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ ठोस कार्यवाही करवाएं। जहां मरीजों की जान के साथ खेला जा रहा है और नियमों का उल्लंघन कर बिल वसूल रहे हैं। बता दे कि, अभी बीते दिनों कोविड प्रभारी अधिकारी डॉ रोशन जैकब ने मेयो और सहारा अस्पताल को बढ़ाकर बिलिंग करने पर नोटिस दी है और उनसे जवाब तलब किया है। लखनऊ में छोटे बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन, वेंटिलेटर की आवश्यकता को महसूस करते हुए भर्ती होने वाले मरीजों से बढ़ाकर बिल लिए जाने का सिलसिला जारी है और इस पर प्रशासन की मुस्तैद नजर है। हिन्दुस्थान समाचार/शरद




