नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । उत्तर प्रदेश सरकार ने कामकाजी महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से नाइट शिफ्ट में कार्य करने की अनुमति दे दी है। इसका लक्ष्य महिलाओं के रोजगार के अवसर बढ़ाना और उनके आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री की जनसंपर्क टीम के बयान के अनुसार, रात्रिकालीन पाली में काम करने वाली महिलाओं के लिए घर से कार्यालय तक कड़े सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएंगे। यह कदम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में उत्तर प्रदेश कारखाना संशोधन विधेयक को मंजूरी देने के बाद उठाया गया है।
बयान के अनुसार, नए प्रावधानों के तहत महिलाएं लिखित सहमति देने के बाद शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन पाली में काम कर सकेंगी। इस सहमति को राज्य के श्रम विभाग में पंजीकृत कराना अनिवार्य होगा।
नइ स्थानों पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती अनिवार्य
इसके अलावा, नए नियमों के तहत कारखानों में सुरक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन सुविधाओं के साथ-साथ सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा गार्ड की तैनाती अनिवार्य होगी। महिला कर्मचारी अपनी सहमति से लगातार छह घंटे तक बिना किसी अंतराल के काम कर सकेंगी।
ओवरटाइम की सीमा में इजाफा
बयान में बताया गया है कि महिलाओं के लिए ओवरटाइम सीमा 75 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे प्रति तिमाही कर दी गई है, जिसका भुगतान दोगुनी मजदूरी दर से किया जाएगा। इसके साथ ही, महिलाएं अब कारखानों और खतरनाक श्रेणी के उद्योगों में काम कर अपने जोखिम को आज़मा सकेंगी, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
महिलाओं को सभी 29 श्रेणियों में काम करने की परमिशन
सरकार ने महिलाओं को अब सभी 29 खतरनाक उद्योगों में काम करने की अनुमति दे दी है, जबकि पहले यह छूट केवल 12 श्रेणियों तक सीमित थी। योगी सरकार ने यह कदम औद्योगिक विस्तार और तकनीकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उठाया है।




