गाजियाबाद, 26 मार्च (हि.स.)। बहुचर्चित निठारी कांड में 10 वर्षीय मासूम बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में आरोपी सुरेंद्र कोली को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश अमित वीर सिंह की अदालत ने शुक्रवार को दोष मुक्त करार दे दिया। नोएडा के निठारी में हुए सीरियल हत्याकांड का यह 13वां मामला था। सीबीआइ ने परिस्थिति जन्य साक्ष्यों के आधार पर सुरेंद्र कोली के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया था। विशेष न्यायाधीश अमित वीर सिंह की अदालत ने साक्ष्यों को अपर्याप्त मानते हुए सुरेंद्र कोली को दोष मुक्त करार दिया।मामले में अभियोजन की तरफ से कुल 33 गवाह पेश किए गए और कुल 265 दिन अदालत में सुनवाई चली थी। बता दें कि निठारी कांड के 12 मामलों में पूर्व में सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा हो चुकी है। सीबीआइ के विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने मीडिया को बताया कि इस मामले में मौके से न तो बच्ची के शव के टुकड़े मिले थे और न ही उसके कपड़े बरामद हुए थे। उन्होंने बताया कि 19 अप्रैल, 2006 को एक 10 वर्षीय बच्ची रहस्यमय हालात में गायब हो गई थी। काफी तलाशने के बाद भी जब बच्ची कहीं नहीं मिली तो उसके पिता ने नोएडा के सेक्टर-20 थाना में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 29 दिसंबर, 2006 को निठारी में मोनिंदर सिंह पंधेर की कोठी के पीछे नाले में पुलिस को 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल मिले थे, जिसके बाद पुलिस ने मोनिंदर सिंह पंधेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया था। बाद में निठारी कांड से संबंधित सभी मामले सीबीआइ को स्थानांतरित कर दिए गए थे। हिन्दुस्थान समाचार/फरमान





