नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। सीतापुर जिले के पल्हापुर गांव में हुए सामूहिक हत्याकांड का खुलासा गुरुवार को पुलिस ने कर दिया। इस हत्याकांड में 6 लोगों की मौत हुई थी। शुरुआती जांच में सामने आया था कि पहले पांच लोगों की हत्या कर छठे ने आत्महत्या की। लेकिन मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। आईजी रेंज सीतापुर तरुण गाबा ने प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले को परत दर परत मीडिया के सामने रखा। उन्होंने बताया कि आरोपी अजीत सिंह ने रात ढाई बजे से सुबह 4 बजे के बीच वारदात को अंजाम दिया और फिर अनुराग के आत्महत्या करने की कहानी गढ़ी।
कैसे रची हत्याकांड की साजिश
तरुण गाबा ने बताया कि अजीत रात दो बजे के करीब उठकर बाहर आया और सभी को जगाने के लिए बिजली का मेन स्विच बंद कर दिया। इस पर सबसे पहले प्रियंका बाहर आई। उसने पहले प्रियंका और फिर बारी-बारी से परिवार के छह सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद करीब 4 बजे सभी को फोन कर सूचना दी। पुलिस के अनुसार, घटना करने का अजीत के पास उस दिन एक भी कारण था। रात में एक लोन चुकाने को लेकर उसकी परिजनों से बहस हुई थी। साथ ही जिस हथियार से वारदात को अंजाम दिया गया वो घर में ही मौजूद था।
अजीत ने बयां की थी हत्याकांड की पूरी कहानी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अजीत 11 मई की रात हथियार और हथौड़ा लेकर भाभी प्रियंका को ही मारने के लिए छत पर पहुंचा था। सोते वक्त ही उसने प्रियंका के सीने में गोली मार दी थी। गोली चलने की आवाज जब सुनाई दी तो अजीत की मां सावित्री वहां पहुंची। उनको देख उसने उन पर हथौड़े से वार कर दिया। वह घायल होकर वहीं गिर गईं। उसके बाद अनुराग के कमरे में गया। उसको दो गोलियां मारीं। फिर वह ऊपर आया। अनुराग के तीनों बच्चों की हत्या की। सबसे बाद में उसने मां को मारा।
डर की वजह से मारा मां को
अजीत ने पुलिस को बताया कि मां को मारने का इरादा नहीं था। लेकिन, वह अचानक से सामने आ गईं। इसलिए उसने उन पर वार कर दिया। जब अन्य सभी की हत्या कर वह मां के पहुंचा तो उनकी सांसें चल रही थीं। अजीत का कहना था कि उस पर सनक चढ़ी थी, कुछ समझ नहीं आ रहा था। ऐसा लगा कि अगर मां जिंदा रहेगी तो वह कैसे उनका सामना करेगा। ये सोचते ही अजीत ने मां सावित्री पर कई वार कर दिए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा
पहले समझा जा रहा था कि अनुराग ने खुद को गोली मारी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि उसके सिर में दो गोलियों के निशान हैं। यानि वह खुद को एक गोली मारने के बाद दूसरी गोली मार नहीं सकता था। दूसरी गोली किसी और ने ही चलाई थी। जिसके बाद यह बात सामने आई कि अनुराग ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उसको मारा गया था।
अब तक की जांच में अजीत की ही भूमिका
पुलिस ने अजीत के अलावा उसके कई रिश्तेदार और परिचितों की भूमिका खंगाली है। सभी मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाली और लोकेशन देखी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में किसी अन्य की वारदात में भूमिका नहीं पाई गई है। अकेले अजीत ने पूरी वारदात को अंजाम दिया।
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