— पुलिस ने की अपील, न करें शवों को गंगा में प्रवाहित पुलिस कराएगी अंतिम संस्कार कानपुर, 15 मई (हि.स.)। निर्मल व अवरिल गंगा में शवों को प्रवाहित व किनारे दफन किए जाने की रोकथाम को लेकर कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में कवायदें तेज कर दी गई है। पुलिस ने जनपद में सभी गंगा तटों पर निगरानी की कमान सम्भाल ली है। शनिवार को युद्ध स्तर पर पुलिस के आलाधिकारियों ने बोट से निरीक्षण किया और मातहतों को निगरानी के आवश्यक निर्देश दिए। कोरोना काल न जाने और कैसे-कैसे दिन दिखाएगा। गंगा किनारे लाशों के ढेर देख कलेजा कांप सा जाता है। इससे निपटने के लिए प्रशासन ने अब कमर कस ली है। लोगों को गंगा किनारे या गंगा में शवों को प्रवाहित करने न किए जाने की अपील की जा रही है। कहा गया जा रहा है कि शवों का अंतिम संस्कार में करने में असमर्थ हों तो वो परेशान न हो और कानपुर पुलिस उनकी मदद भी करेगी और अंतिम संस्कार के लिए भी तैयार है। इसी क्रम में गंगा व तटों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। इसी क्रम में आज पुलिस उपायुक्त पश्चिम संजीव त्यागी ने बिठूर स्थित राम घाट में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के साथ गंगा नदी का निरीक्षण किया। इस दौरान घाट व आसपास रहने वाले लोगों से बातचीत कर किसी को भी गंगा नदी में शव ने फेंकने व किनारे पर दफन न किए जाने की बात कही। उन्होंने पुलिस आपके साथ है किसी भी समस्या पर पीड़ित हमें बताए, हम अंतिम संस्कार पूरी विधि के अनुसार कराएंगे। इस तरह एसीपी कर्नलगंज त्रिपुरारी पांडेय, प्रभारी निरीक्षक कोहना व फोर्स के अटल घाट पहुंचे। उन्होंने गंगा के किनारे शव को गलत तरीके से प्रवाह करना और गंगा के नजदीक गाड़कर दूषित करने को एक दंडनीय अपराध बताया। इस बात से घाट के कर्मचारियों और जनता के लोगों से अपील कर अवगत कराया गया। यह भी बताया गया कि अगर कोई व्यक्ति असमर्थ है तो अंतिम संस्कार कानपुर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा कटिबद्धता के साथ रीति रिवाज के अनुसार कराया जाएगा। यह हाल आज पूरे कानपुर जनपद में देखने को मिला। गंगा घाटों पर व आसपास लोगों से पुलिस ने पवित्रता व निर्मला बनाए रखने के लिए शव फेंकने व दफनाने नहीं दिए जाने के प्रति जागरूक किया। हिन्दुस्थान समाचार/महमूद/मोहित




