मीरजापुर, 19 मई (हि.स.)। जिले के सिटी विकास खंड के करीब तीन हजार से अधिक आबादी वाले विजयपुरा गांव के ग्रामीण कोरोना को लेकर काफी सजग व सतर्क हैं। यदि कोई बाहरी व्यक्ति (प्रवासी) या रिश्तेदार आ भी जाए तो पहले उसे गांव के खाली पड़े भवन पर क्वारंटीन होना पड़ता है। गांव के प्रधान श्याम गिरि बताते हैं कि हमारे गांव में कोरोना ग्रामीणों की जागरूकता के चलते नहीं घुस पाया है। उन्होंने कहा कि गांव का कोई भी व्यक्ति यदि किसी काम से बाजार जाता है तो वापस आते ही सभी कपड़ों को गर्म पानी में डाल देता है। कोशिश करता है कि दो गज की दूरी बनाकर रहे। गांव में मास्क लगाना अनिवार्य किया गया है। कोरोना को हराने के लिए एक-दूसरे के गले मिलने पर भी रोक है। गांव में राशन का सामान एक साथ मंगा लिया जाता है, जिससे कोरोना संक्रमण को घर या गांव में घुसने से रोका जा सके। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए समय-समय पर सैनिटाइजेशन कराया जाता है और जरूरतमंदों को मास्क भी बांटा जाता है। घर से बाहर निकलते समय ग्रामीण जरा भी लापरवाही नहीं बरतते। खुद मास्क लगाते हैं और दूसरों को भी मास्क लगाने के लिए जागरूक करते हैं। जागरूकता और सजगता का ही परिणाम है कि गांव का कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित नहीं हुआ। ग्रामीण स्वास्थ्य के प्रति पहले से ही सजग हैं। सभी लोग हर रोज सुबह-शाम व्यायाम करते हैं। सुबह-शाम चाय और काफी के बजाय काढ़ा का प्रयोग करते हैं। तुलसी, अदरक, अजवाइन, मरीच व गिलोय इत्यादि पानी में उबालकर उसमें हल्का गुड़ डालकर पीते हैं। गांव के लोग जिला प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हैं। कोई भी व्यक्ति बेवजह घर से बाहर नहीं निकलता। हिन्दुस्थान समाचार/गिरजा शंकर/विद्या कान्त





