नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। आम आदमी पार्टी की नेता और राज्यसभा सांसद स्वाति मालिवाल के बदसलूकी मामले में सियासत तेज हो गई है। जाहां एक तरफ भाजपा इस पूरे मामले को लेकर आम आदमी पार्टी पर पिछले कई दिनों से हमलावर है, तो वहीं अब इस विवाद में बसपा सुप्रीमो मायावती भी मैदान में उतर आई हैं। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने राज्यसभा सांसद स्वाति मालिवाल के मुद्दे पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है।
मायावती ने दी स्वाति मालिवाल के मुद्दे पर प्रतिक्रिया
बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने राज्यसभा सांसद स्वाति मालिवाल के मुद्दे पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए एक बाद एक दो सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट किया और महिला सुरक्षा पर इंडिया अलाइंस के दोहरे रवैये पर सवाल उठाया। मायावती ने अपने पोस्ट में कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान व उत्पीड़न के साथ ही किसी भी नेता द्वारा अन्य कोई भी गलत कार्य करने पर सख्त कार्रवाई के मामले में चाहे कोई भी पार्टी या इन्डि व अन्य गठबन्धन हो तो इन्हें दोहरा मापदण्ड नहीं अपनाना चाहिए अर्थात् इन्हें बीएसपी के शीर्ष नेतृत्व से ज़रूर सबक लेना चाहिए।
मायावती ने की राज्यसभा के सभापति से मामले पर संज्ञान लेने की अपील
इसके बाद सोशल मीडिया साइट एक्स पर किए पोस्ट मे मायावती ने लिखा आप पार्टी की महिला राज्यसभा सांसद के साथ सीएम आवास में अभद्रता के गंभीर मामले पर देश की नजर तथा दोषी के विरुद्ध अब तक कार्रवाई नहीं होना अनुचित। ऐसे में मायावती ने लिखा कि राज्यसभा के सभापति व महिला आयोग को भी इस घटना का समुचित संज्ञान लेने की जरूरत।
अखिलेश ने कहा- इससे और भी कुछ जरूरी मुद्दे
दरअसल आपको बता दें कि आज लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। जिसमें पत्रकारों ने केजरीवाल से स्वाति मालीवाल के साथ हुई मारपीट पर सवाल पूछा था। इस पर सीएम ने तो कोई जवाब नहीं दिया लेकिन, उनके राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी और मणिपुर, प्रज्वल रेवन्ना और महिला पहलवानों का जिक्र करते हुए भाजपा पर ही पलटवार करने की कोशिश की। इसके साथ पत्रकारों के सवाल पर केजरीवाल ने चुप्पी साधे रखी तो वहीं अखिलेश ने कहा कि इससे और भी कुछ जरूरी मुद्दे देश में हैं।
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