कानपुर, 01 जून (हि.स.)। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर (सीएसए) के कुलपति डॉक्टर डी.आर.सिंह आज ग्रामोदय विश्वविद्यालय सतना मध्य प्रदेश द्वारा आयोजित राष्ट्रीय वेबिनार में मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। राष्ट्रीय वेबिनार "देश की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए डेरी की भूमिका" विषय पर आयोजित किया गया। कुलपति डॉ डीआर सिंह ने उद्घाटन व्याख्यान में बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि एवं पशुपालन का विशेष महत्व है। डॉ सिंह ने बताया कि भारत 209 मिलियन टन वार्षिक दुग्ध उत्पादन करके विश्व में प्रथम स्थान पर है। उप्र में अग्रणी है यह उपलब्धि पशुपालन से जुड़े पहलुओं जैसे मवेशियों की नस्ल, पालन पोषण, स्वास्थ्य एवं आवास प्रबंधन इत्यादि में किए गए अनुसंधान एवं उसके प्रचार-प्रसार का परिणाम है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि छोटे भूमिहीन तथा सीमांत किसान जिनके पास सीमित साधन हैं उनके लिए पशुधन ही अहम जीविका का साधन भी है। उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 19.91 करोड़ गाय, 10.53 करोड़ भैंस, 14.55 करोड़ बकरी एवं 7.61 करोड़ भेड़ों का पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह पशुपालन व्यवसाय में ग्रामीणों को रोजगार प्रदान करने तथा उनके सामाजिक एवं आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने की अपार संभावनाएं हैं। इस राष्ट्रीय वेबिनार की अध्यक्षता ग्रामोदय विश्वविद्यालय सतना मध्य प्रदेश के कुलपति डॉ एनसी गौतम ने की। जबकि देश के प्रख्यात वक्ता डॉ बी.के. मिश्रा मेघालय विश्वविद्यालय, डॉ ए.के. मिश्रा रीवा विश्वविद्यालय तथा डॉ ब्रजेश सिंह पंतनगर ने अपने-अपने व्याख्यान दिए। इस कार्यक्रम में कार्यक्रम संजय संयोजक डॉ उमेश कुमार शुक्ला सहित सैकड़ों प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। हिन्दुस्थान समाचार/अजय/मोहित




