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कुशीनगर का ‘लाल खुर्मा’ बनेगा ब्रांड, असोम टी के साथ होगी बिक्री

– बांस की टोकरी में होगी आकर्षक पारदर्शी पैकिंग – पर्यटन के साथ कारोबार की प्रशासनिक पहल कुशीनगर, 15 अप्रैल(हि.स.)। कुशीनगर जिले का प्रशिद्ध ‘लाल खुर्मा’ की ब्रांडिंग होगी। असोम टी के साथ बांस के बनी टोकरी में आकर्षण पैकिंग के साथ यह देश-विदेश तक जाएगा। जिला प्रशासन इसके लिए आगे आया है। प्रशासन की यह कवायद पर्यटन के साथ कारोबार बढ़ाने की पहल है। बिक्री के लिए इंटरनेशनल एयरपोर्ट, कुशीनगर थ्री स्टार होटल्स, पर्यटक गतिविधियों की प्रमुख स्थानों पर स्टाल लगाएं जायेंगे। बिक्री की दर आदि प्रशासन तय करेगा। प्रशासन इसके लिए तैयारियों में जुट गया है। प्रथम चरण में टेस्टिंग का कार्य पूरा हो गया है। असोम टी और बांस की टोकरी की आपूर्ति का आर्डर असोम की एक फर्म को दे दिया गया है। लाल खुर्मा का जनक कसया तहसील क्षेत्र के पतयां गांव के निवासी स्वर्गीय पूर्णवासी मध्येशिया को माना जाता है। पूर्णवासी ने तीस साल पूर्व गांव से कसया आकर गाय व भैंस के दूध व चीनी के प्रयोग से लाल खुर्मा ईजाद कर कारोबार शुरू किया। लाल खुर्मा का स्वाद व मिठास आईएएस व आईपीएस अधिकारी, अभियंता, चिकित्सक बड़े कारोबारी में व कुलीन वर्ग के लोगों को खूब भाया। बाद में कई सारी मिठाईयां बाजार में आई किन्तु लाल खुर्मा के स्वाद को कोई पछाड़ नही सका। वर्तमान में पूर्णमासी के वंशजों समेत व अनेक लोग लाल खुर्मा के कारोबार में उतरे किन्तु पूर्णमासी के बनाए खुर्मा का स्वाद इक्का दुक्का दुकानों पर अब भी मिलता है। टेस्टिंग के लिए प्रशासन ने सभी दुकानों से नमूना लिया है। श्रीनाथ जी समिति की थी ब्रांडिंग 30 बर्ष पूर्व पूर्णमासी ने ठेले पर लाल खुर्मा बेचने का कारोबार शुरू किया तब वह घर से खुर्मा बनाकर लाते थे। श्रीनाथ जी मन्दिर समिति के अध्यक्ष व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सी पी गुप्त ने मन्दिर की दुकानों में पुर्नवासी एक कमरा आजीवन आवंटित कर दिया। चिकित्सक के अनुसार पूर्णमासी का खुर्मा इतना लोकप्रिय हुआ था कि लोग शगुन व मांगलिक कार्यों आदि में लड्डू के साथ खुर्मा ले जाना नही भूलते थे। श्रीनाथ जी मन्दिर समिति ने खुर्मा की ब्रांडिंग की थी। पर्यटन से कारोबार की पहल ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पूर्ण बोरा बताते हैं कि कुशीनगर में देश दुनिया से सैलानी आते है। सैलानी अतिथि हैं। भारतीय परंपरा में मीठा खिलाकर स्वागत शुभ माना जाता है। लाल खुर्मा इस रस्म को निभाएगा। असोम टी के साथ इसकी ब्रांडिंग से अन्य स्थानीय उत्पाद की ब्रांडिंग के लोग आगे आयेंगे। यूं कह लीजिए पर्यटन से कारोबार को जोड़ने की यह एक पहल है। हिन्दुस्थान समाचार/गोपाल

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