जय शिव सैनिकों को किया गया सम्मानित प्रयागराज, 15 मार्च (हि.स.)। विगत 34 वर्षों से पूज्य पाद वेद रक्षित धर्मगुरु त्रिशूल भगवान की दर्शन शोभायात्रा निरंतर जय शिव सेना के कर्मठ कार्यकर्ताओं द्वारा उनके पुरुषार्थ के बल पर निकाली जा रही है। जो प्रयागराज के गौरव एवं भारतीय संस्कृति की शौर्यता का प्रतीक है। यह बात सोमवार को जय शिव सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं जगद्गुरु शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती के प्रवक्ता ओंकार नाथ त्रिपाठी ने महाशिवरात्रि पर श्रीवेद रक्षित धर्मगुरु त्रिशूल भगवान की शोभायात्रा को सफलतापूर्वक नियोजित करने पर जय शिवसेना द्वारा हिम्मतगंज कार्यालय में जय शिव सैनिकों को अंगवस्त्रम पहनाकर सम्मानित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भारत के अस्तित्व को बचाने के लिए जिस राजनीतिक संगठन का सृजन हुआ, उसी विचारधारा के समर्थकों की आज सरकार है। लोगों को दुःख और चिंता व्यक्त करने के स्थान पर उसकी अच्छाइयों को जानना और समझना चाहिए। भारत में रहने वाले हर व्यक्ति को संघ के साहित्य को पढ़ना और समझना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक ठाकुर ने कहा जिस उद्देश्य के साथ जय शिव सेना का गठन किया गया था, उसी उद्देश्य को पूर्ण करने की दिशा में जय शिव सैनिक निरंतर कार्य करते हुए राष्ट्र की संस्कृति को मजबूत कर रहे हैं। पार्षद विजय मल्होत्रा ने कहा जय शिवसेना भारत प्रयागराज की धरती पर शौर्यता का जीता जागता उदाहरण है। संचालन करते हुए प्रदेश प्रभारी राजेश केसरवानी ने कहा जय शिवसेना हिन्दू राष्ट्र के गौरव का प्रतीक है। उसका जन्म हिंदुओं को सशक्त बनाने के लिए हुआ है, जिसके लिए संगठन निरंतर कार्य कर रही है। कार्यक्रम की संयोजिका दुर्गेश नंदिनी रही। इस अवसर पर यात्रा के संयोजकों एवं प्रभारियों को अंगवस्त्रम् पहनाकर सम्मानित किया गया। जिसमें मुख्य रूप से पूनम सोनकर, संतोष अग्रहरि, सुनील दुबे, मोनू सेठ, अभिलाष केसरवानी, रजत सोनकर, शुभम सोनकर, विकास चौरसिया, सचिन केसरवानी सुमित केसरवानी, अंचल सोनकर आदि रहे। हिन्दुस्थान समाचार/विद्या कान्त/संजय




