जौनपुर, 07 मार्च (हि.स.)। खेतासराय क्षेत्र के पोरई कलां ग्राम चल रहे श्रीमदभागवत कथा के छठे दिन रविवार को अयोध्या धाम से पधारे संत श्री अवधेशानंद जी महाराज ने कथा में कहा कि जहां भोग इच्छा है, वहां भक्ति नहीं होती। भोग के लिए की गई भक्ति से भगवान प्रसन्न नहीं होते। उन्होंने कहा कि भोग के लिए भक्ति करने वाले को संसार प्यारा है। भगवान के लिए ही भक्ति करो। भक्ति का फल भगवान होना चाहिए, सांसारिक सुख नहीं। भगवान का जो आश्रय लेता है वह निष्काम बनता है और परमात्मा से मिलने की आतुरता के कारण ही संत का मिलन होता है। उन्होंने बताया कि श्रोता को जिज्ञासु होना चाहिए। जिज्ञासा के अभाव में मन एकाग्र नहीं होगा। इस अवसर पर तुलसी महाराज, राजेश सिंह, उपेंद्र मिश्रा, रमेश सिंह, नितेश यादव, बेला बिंद, हनुमान चौरसिया, शिवाकांत चौरसिया आदि उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/विश्व प्रकाश




