गोंडा, 16 मई (हि.स.) कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की शासन से नामित नोडल अधिकारी व सचिव नगर विकास विभाग अनुराग यादव ने रविवार को कलेक्ट्रेट स्थित कोविड नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण कर अधिकारियों के साथ बैठक कर गहन समीक्षा की। नोडल अधिकारी द्वारा सबसे पहले तहसील करनैलगंज अंतर्गत ग्राम रैगांव, चकरौत, भैरवनाथ पुरवा ग्राम में कोरोना से हुई मौतों के बारे में प्रशासन की ओर से किए गए प्रयासों की जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि यह समय बहुत कठिन है। हम लोगों की नैतिक जिम्मेदारी है कि हर पहलू पर समय से कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। जिससे संक्रमण को कम किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि समस्त प्राइवेट अस्पतालों में उपलब्ध बेड्स की संख्या, रेट की जानकारी अस्पतालों के बाहर जरूर डिस्प्ले कराया जाये तथा प्रत्येक दशा में सुनिश्चित किया जाये कि कोई भी हॉस्पिटल ओवर रेटिंग न करने पावे। कंट्रोल रूम में काॅल रिकार्डर लगवाया जाये तथा हर कॉल रिकार्ड की जाये। साथ ही साथ कॉल करने वाले हर व्यक्ति को समुचित जवाब दिया जाये । ताकि लोग परेशान न हों और उन्हें समय पर सही उपचार मिल सके। कोरोना से मृत हुए लोगों के शवों के निस्तारण की व्यवस्था अनिवार्य रूप से प्रोटोकॉल के अनुसार कराई जाये। बचाव के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को कोरोना का टीका लगवाया जाये। मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने पाॅवर प्वाइन्ट प्रजेन्टेशन के माध्यम से कोविड संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत अब तक की गई कार्यवाही व तैयारियों के बारे में विस्तार से बताया गया कि जिले में कोविड से बचाव के लिए जिला अस्पताल कें कोविड अस्पताल में 180 बेड व एससीपीएम हॉस्पिटल में 160 बेड्स की व्यवस्था है। इसके अलावा जिले के चार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को भी कोविड हॉस्पिटल के रूप में व्यवस्थित किया गया है। संसाधनों की समीक्षा में बताया गया कि 700 नए बेड की व्यवस्था की गई है। 91 ऑक्सीजन कॉन्सेन्ट्रेटर मंगाए गए तथा 275 नए ऑक्सीजन सिलेंडर की भी व्यवस्था की गई है। 02 लैबों में कोविड की जांच की सुविधा उपलब्ध है। वर्तमान में 630 रेमडेसिवीर इंजेक्शन की उपलब्धता है। इसके अलावा एसडीआरएफ फंड से कोविड हॉस्पिटल में नया ऑक्सीजन प्लांट लगवाए जाने के लिए कार्यवाही शुरू कर दी गई है। नोडल अधिकारी ने अधिक टेस्टिंग कराए जाने के निर्देश दिए गए। जिले में कोरोना में 18 गुना वृद्धि की गई है। गांवों में कोविड जांच, जागरूकता आदि के लिए 74 आरआरटी टीमें लगाई गई हैं। कोविड कन्ट्रोल एण्ड कमाण्ड सेन्टर में कुल 56 स्टॉफ की ड्यूटी तीन शिफ्टों में लगाई जाती है । गांव-गांव निगरानी समितियों के माध्यम से जांच व सर्वे का कार्य कराया जा रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/ महेन्द्र




